बांद्रा ईस्ट स्टेशन पुनर्विकास: अतिक्रमण हटाने का 85% काम पूरा, 1,200 कर्मचारी तैनात

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बांद्रा ईस्ट स्टेशन पुनर्विकास: अतिक्रमण हटाने का 85% काम पूरा, 1,200 कर्मचारी तैनात

सारांश

मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन पर ₹600 करोड़ से अधिक मूल्य की 1.31 एकड़ ज़मीन को अतिक्रमण-मुक्त कराने का 85% काम पूरा हो चुका है। 1,200 कर्मचारियों की रात-दिन मेहनत और दो दिन में अभियान समाप्त होने की उम्मीद — मुंबई के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की नींव रखी जा रही है।

मुख्य बातें

बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का 85 प्रतिशत काम 21 मई 2026 तक पूरा।
अभियान में 1,200 कर्मचारी तैनात; रात्रिकालीन अभियानों से गति तेज़।
कुल 500 अवैध निर्माणों में से अधिकांश ध्वस्त; करीब दो दिन का काम और शेष।
बुधवार को धार्मिक ढाँचा गिराने के दौरान पत्थरबाजी, पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा; स्थिति अब नियंत्रण में।
परियोजना क्षेत्र: 1.31 एकड़ (लगभग 5,300 वर्ग मीटर ); अनुमानित मूल्य ₹600 करोड़ से अधिक।
पुनर्विकास पूरा होने पर आधुनिक यात्री सुविधाएँ, पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज और वाणिज्यिक विकास की योजना।

मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण-विरोधी अभियान तेज़ रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है — रेलवे प्रशासन के अनुसार 21 मई 2026 तक अतिक्रमण हटाने का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। रात्रिकालीन अभियानों के कारण कार्य की गति में उल्लेखनीय तेज़ी आई है, और पूरे ऑपरेशन में करीब 1,200 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

अभियान की मौजूदा स्थिति

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान में कुल 500 अवैध निर्माणों को हटाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से अधिकांश को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है। अभियान में अभी लगभग दो दिन का काम और शेष बताया जा रहा है। कुछ कब्जेदार अभी भी जगह खाली करने से मना कर रहे हैं, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाने की कार्रवाई जारी है।

पत्थरबाजी की घटना और सुरक्षा व्यवस्था

बुधवार को एक धार्मिक ढाँचे को गिराने के दौरान पत्थरबाजी की एक छोटी घटना हुई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालाँकि, अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब उस क्षेत्र में कोई अन्य धार्मिक ढाँचा शेष नहीं बचा है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

ज़मीन का महत्त्व और अनुमानित मूल्य

यह पुनर्विकास परियोजना 1.31 एकड़ (लगभग 5,300 वर्ग मीटर) भूमि पर केंद्रित है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹600 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। गौरतलब है कि मुंबई जैसे महँगे रियल एस्टेट बाज़ार में यह ज़मीन रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।

पुनर्विकास के बाद क्या बदलेगा

अतिक्रमण हटने के बाद इस भूमि पर आधुनिक रेलवे स्टेशन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इनमें बेहतर यात्री सुविधाएँ, पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज और वाणिज्यिक विकास की संभावनाएँ शामिल हैं। बांद्रा ईस्ट स्टेशन पुनर्विकास परियोजना मुंबई के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

प्रशासन की अपील

स्थानीय प्रशासन और रेलवे ने क्षेत्र के निवासियों से अपील की है कि वे कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करें और अवैध कब्जे वाले किसी भी ढाँचे का निर्माण न करें। रेलवे का कहना है कि यह पूरा पुनर्विकास कार्य न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत संचालित किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण एक दीर्घकालिक समस्या रही है और प्रशासन कई अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की योजना बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन पर स्पष्टता अभी बाकी है। असली कसौटी यह होगी कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की क्या व्यवस्था की गई है — जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुई।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना क्या है?
यह मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में 1.31 एकड़ (लगभग 5,300 वर्ग मीटर) भूमि से अवैध निर्माण हटाकर आधुनिक रेलवे सुविधाएँ विकसित करने की परियोजना है। इस भूमि का अनुमानित मूल्य ₹600 करोड़ से अधिक है और यहाँ यात्री सुविधाएँ, पार्किंग व वाणिज्यिक विकास की योजना है।
अभियान में अब तक कितना काम पूरा हुआ है?
रेलवे प्रशासन के अनुसार 21 मई 2026 तक अतिक्रमण हटाने का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुल 500 अवैध निर्माणों में से अधिकांश ध्वस्त किए जा चुके हैं और शेष काम लगभग दो दिनों में पूरा होने का अनुमान है।
बुधवार को पत्थरबाजी की घटना क्यों हुई?
बुधवार को एक धार्मिक ढाँचे को गिराने के दौरान पत्थरबाजी की एक छोटी घटना हुई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है और क्षेत्र में अब कोई अन्य धार्मिक ढाँचा शेष नहीं है।
पुनर्विकास के बाद बांद्रा ईस्ट स्टेशन पर क्या बदलेगा?
अतिक्रमण हटने के बाद इस भूमि पर आधुनिक यात्री सुविधाएँ, पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज और वाणिज्यिक विकास विकसित किया जाएगा। यह परियोजना मुंबई के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या यह अभियान कानूनी रूप से वैध है?
रेलवे का कहना है कि यह पूरा पुनर्विकास कार्य न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों से कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने और नए अवैध निर्माण न करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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