4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारतीय रेलवे की स्क्रैप से कमाई 2025-26 में 6,800 करोड़ रुपए के पार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारतीय रेलवे की स्क्रैप से कमाई 2025-26 में 6,800 करोड़ रुपए के पार

सारांश

भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में स्क्रैप बेचकर 6,813.86 करोड़ रुपए की कमाई की है। यह 6,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य से अधिक है, जो रेलवे की वित्तीय सफलता को दर्शाता है।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने स्क्रैप से 6,813.86 करोड़ रुपए कमाए।
यह 6,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य से अधिक है।
पुनर्नवीनीकरण से पर्यावरण को भी लाभ हो रहा है।
नॉन-फेयर रेवेन्यू में वृद्धि से वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है।
प्रीमियम ब्रांडेड दुकानों से बेहतर सुविधाएं और आय बढ़ने की संभावना।

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने रविवार को घोषणा की है कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में कबाड़ (स्क्रैप) बेचकर 6,813.86 करोड़ रुपए की कमाई की है, जो कि 6,000 करोड़ रुपए के निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।

इस उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि रेलवे ने स्क्रैप से होने वाली कमाई (मॉनिटाइजेशन) में अपने लक्ष्य को काफी हद तक पार कर लिया है।

पिछले वर्ष 2024-25 में भी रेलवे ने 5,400 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 6,641.78 करोड़ रुपए की कमाई की थी।

यह निरंतर बढ़ती सफलता दर्शाती है कि रेलवे अपने डिपो, यार्ड और कार्यशालाओं में पड़े पुराने और बेकार सामान से बेहतर कमाई कर रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न केवल रेलवे की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि इससे स्थान भी खाली हो रहा है और रीसाइक्लिंग के माध्यम से पर्यावरण को भी लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, पुराने सामान के निपटान की पारदर्शी व्यवस्था से कामकाज में सुधार हुआ है।

स्क्रैप से होने वाली कमाई के साथ-साथ नॉन-फेयर रेवेन्यू (एनएफआर) भी रेलवे की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

स्टेशन विकास, विज्ञापन और रेलवे की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग से हुई ये आय पिछले पांच वर्षों में लगातार बढ़ी है।

2021-22 में यह आय लगभग 290 करोड़ रुपए थी, जो 2025-26 में बढ़कर 777.76 करोड़ रुपए हो गई, यानी लगभग 168 प्रतिशत की वृद्धि।

सरकार ने बताया कि इस अतिरिक्त आय का उपयोग रेलवे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों की सुविधाओं में निवेश करने के लिए किया जा रहा है।

इनमे बेहतर स्टेशन सुविधाएं, स्वच्छता, डिजिटल सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है, और यह सब बिना किराया बढ़ाए किया जा रहा है।

नॉन-फेयर कमाई को बढ़ाने के लिए रेलवे ने स्टेशनों पर प्रीमियम ब्रांडेड दुकानों की शुरुआत की है और अब तक 22 प्रीमियम ब्रांड्स को जगह दी गई है।

इन दुकानों के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी और रेलवे की आय भी बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल इसकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी हैं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे ने कबाड़ से कितनी कमाई की है?
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में कबाड़ (स्क्रैप) बेचकर 6,813.86 करोड़ रुपए की कमाई की है।
स्क्रैप बेचने का लक्ष्य क्या था?
स्क्रैप बेचने का लक्ष्य 6,000 करोड़ रुपए था, जो रेलवे ने पार कर लिया।
इस आय का उपयोग कैसे किया जा रहा है?
इस अतिरिक्त आय का उपयोग रेलवे के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों की सुविधाओं में निवेश के लिए किया जा रहा है।
नॉन-फेयर रेवेन्यू क्या है?
नॉन-फेयर रेवेन्यू (एनएफआर) रेलवे की आय है जो टिकटों के अलावा विभिन्न अन्य स्रोतों से आती है।
क्या रेलवे ने प्रीमियम ब्रांडेड दुकानों की शुरुआत की है?
जी हां, रेलवे ने स्टेशनों पर प्रीमियम ब्रांडेड दुकानों की शुरुआत की है, जिसमें 22 प्रीमियम ब्रांड्स को जगह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले