फरवरी में भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से आय में 3%25 की वृद्धि, अब 14,572 करोड़ रुपए

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फरवरी में भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से आय में 3%25 की वृद्धि, अब 14,572 करोड़ रुपए

सारांश

फरवरी में भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से आय में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 14,572 करोड़ रुपए तक पहुँच गई। यह वृद्धि मुख्यतः कोयला और लौह अयस्क जैसे प्रमुख माल की ढुलाई के कारण संभव हुई।

Key Takeaways

  • फरवरी में माल ढुलाई आय 14,572 करोड़ रुपए हुई।
  • कोयला और लौह अयस्क की ढुलाई में महत्वपूर्ण वृद्धि।
  • माल ढुलाई में 3.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चे माल की लोडिंग में 46.9 प्रतिशत की वृद्धि।
  • अप्रैल से फरवरी तक की अवधि में 1,503.8 मीट्रिक टन माल ढुलाई की गई।

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से आय फरवरी में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 14,572 करोड़ रुपए पर पहुँच गई है। यह जानकारी शुक्रवार को सरकार ने साझा की।

पिछले वर्ष के इसी महीने में माल ढुलाई से प्राप्त आय 14,151.96 करोड़ रुपए थी।

रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस महीने की माल ढुलाई में पिछले वर्ष के फरवरी महीने के 132.48 मिलियन टन (एमटी) की तुलना में 3.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 137.72 मिलियन टन (एमटी) हो गई।

ट्रांसपोर्ट आउटपुट, जिसे नेट टन किलोमीटर (एनटीकेएम) में मापा जाता है, फरवरी 2026 में 4.18 प्रतिशत बढ़कर 76,007 मिलियन एनटीकेएम हो गया, जो एक वर्ष पहले 72,955 मिलियन एनटीकेएम था।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस महीने की माल ढुलाई मुख्य रूप से कोयला, लौह अयस्क, तैयार इस्पात, उर्वरक, सीमेंट और कंटेनर कार्गो जैसी प्रमुख वस्तुओं द्वारा संचालित थी।

दैनिक माल ढुलाई में, लौह अयस्क की लोडिंग 0.529 मीट्रिक टन से बढ़कर 0.675 मीट्रिक टन हो गई (27.6 प्रतिशत की वृद्धि), जबकि कच्चा लोहा और तैयार इस्पात की लोडिंग 0.284 मीट्रिक टन से 20.8 प्रतिशत बढ़कर 0.343 मीट्रिक टन हो गई।

सरकार ने यह भी बताया कि इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चे माल (लौह अयस्क को छोड़कर) की लोडिंग 0.096 मीट्रिक टन से बढ़कर 0.141 मीट्रिक टन हो गई, जो 46.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

मंत्रालय के अनुसार, उर्वरक की लोडिंग 10.2 प्रतिशत बढ़कर 0.184 मीट्रिक टन हो गई, जबकि खनिज तेल और कंटेनर एक्जीक्यूटिव एंड इम्पोर्ट (ईएक्सआईएम) यातायात में 17.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

मासिक संचयी आंकड़ों से प्रमुख वस्तुओं में भी मजबूत वृद्धि देखी गई।

कंटेनर यातायात की बात करें तो, इस माह के दौरान आयातित माल ढुलाई में 5.6 प्रतिशत और घरेलू कंटेनर यातायात में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच, भारतीय रेलवे ने 1,503.8 मीट्रिक टन माल ढुलाई की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 1,456.07 मीट्रिक टन से 3.28 प्रतिशत अधिक है।

सरकार के अनुसार, इस अवधि के दौरान माल ढुलाई राजस्व 1.61 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि एनटीकेएम (न्यूनतम किलोग्राम) में मापी गई माल ढुलाई 1.62 प्रतिशत बढ़कर 840,000 मिलियन एनटीकेएम हो गई।

Point of View

न केवल रेलवे की उचित प्रबंधन का संकेत है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। मुख्य वस्तुओं की ढुलाई में वृद्धि, उद्योगों की मांग को दर्शाती है, जो कि एक स्वस्थ आर्थिक संकेत है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से आय कितनी बढ़ी?
फरवरी में भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से आय 3 प्रतिशत बढ़कर 14,572 करोड़ रुपए हो गई।
मुख्य माल क्या थे जिनकी ढुलाई में वृद्धि हुई?
मुख्य माल में कोयला, लौह अयस्क, तैयार इस्पात, उर्वरक, सीमेंट और कंटेनर कार्गो शामिल हैं।
माल ढुलाई में कितनी मात्रा में वृद्धि हुई?
माल ढुलाई में पिछले वर्ष के 132.48 मिलियन टन की तुलना में 3.96 प्रतिशत की वृद्धि होकर यह 137.72 मिलियन टन हो गई।
इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चे माल की लोडिंग में कितनी वृद्धि हुई?
इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चे माल की लोडिंग 46.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 0.141 मीट्रिक टन हो गई।
अप्रैल से फरवरी तक की अवधि में कुल माल ढुलाई कितनी थी?
अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल 1,503.8 मीट्रिक टन माल ढुलाई की गई।
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