बांद्रा ईस्ट अतिक्रमण अभियान: पश्चिम रेलवे CPRO बोले — उच्च न्यायालय के आदेश का पालन, 85% काम पूरा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) विनीत अभिषेक ने 21 मई 2025 को बताया कि मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर में चल रहा अतिक्रमण-विरोधी अभियान उच्च न्यायालय के सख्त आदेश के अनुपालन में है, और अब तक 85 प्रतिशत ध्वस्तीकरण कार्य पूरा हो चुका है। 19 मई को शुरू हुई इस कार्रवाई में 1,200 से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है।
अभियान का विस्तार और तैनाती
विनीत अभिषेक के अनुसार, कार्रवाई से पहले विस्तृत योजना बनाई गई। तैनात बल में 500 सिटी पुलिसकर्मी, 250 रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और 200 सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 20 मई की शाम तक लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया था, जबकि 21 मई तक यह आँकड़ा 85 प्रतिशत तक पहुँच गया।
उच्च न्यायालय का आदेश
CPRO ने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय का निर्देश अत्यंत स्पष्ट है — 100 चिह्नित संरचनाओं को छोड़कर शेष सभी ढाँचे अवैध घोषित किए गए हैं और उन्हें ध्वस्त किया जाना अनिवार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण एक दीर्घकालिक विवाद का विषय रहा है।
मानवीय पहलू और राहत उपाय
विनीत अभिषेक ने कहा कि प्रशासन इस मामले की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझता है। अभियान के दौरान 20 मई को दिनभर में 2,000 से अधिक पानी की बोतलें वितरित की गईं और शाम को भोजन भी बाँटा गया। उन्होंने कहा, 'अगर किसी को कोई कठिनाई होती है, तो हम उनकी मदद करने की भी कोशिश कर रहे हैं।'
तनाव की स्थिति और नियंत्रण
CPRO ने स्वीकार किया कि 20 मई को 10 से 15 मिनट के लिए कुछ अप्रिय गतिविधि हुई, जिसे उनके अनुसार 'काफी अच्छे तरीके से हैंडल किया गया।' बड़े पैमाने पर बल की तैनाती इसी संभावित तनाव को देखते हुए पहले से सुनिश्चित की गई थी। गौरतलब है कि घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसे अभियानों में प्रतिरोध की आशंका हमेशा बनी रहती है।
आगे की स्थिति
शेष 15 प्रतिशत कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है। पश्चिम रेलवे का कहना है कि न्यायालय के आदेश की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।