मुंबई बांद्रा अतिक्रमण: 700 से अधिक झोपड़ियाँ ध्वस्त, किरीट सोमैया बोले — 'घुसपैठियों को वापस भेजा गया'
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के बांद्रा स्थित गरीब नगर इलाके में 19 मई 2026 को रेलवे भूमि पर हुए व्यापक अतिक्रमण-विरोधी अभियान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने कहा कि 700 से अधिक अवैध झोपड़ियाँ ध्वस्त कर दी गई हैं और रेलवे भूमि पर कब्जा जमाए घुसपैठियों को वापस भेजने की व्यवस्था की गई है। सोमैया ने यह भी कहा कि तीन घंटे के भीतर यह कार्रवाई पूरी कर ली गई।
मुख्य घटनाक्रम
रेलवे प्रशासन, मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के संयुक्त अभियान में बांद्रा रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे की जमीन पर बनी अवैध बस्तियाँ हटाई गईं। सोमैया के अनुसार, इन अतिक्रमणों की वजह से बांद्रा स्टेशन का विकास कार्य वर्षों से अवरुद्ध था और रेलवे लाइन के विस्तार में भी बाधा आ रही थी। उन्होंने कहा कि यह उनकी दो महीनों में चौथी यात्रा थी और अतिक्रमण के चलते बड़े पैमाने पर आम लोगों को असुविधा उठानी पड़ रही थी।
सरकार और न्यायालय की भूमिका
सोमैया ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर की गई। उन्होंने न्यायालय और मुख्यमंत्री दोनों का आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से धमकियाँ भी दी जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने बिना रुके अभियान जारी रखा।
राजनीतिक बयानबाज़ी
सोमैया ने इस अवसर पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), कांग्रेस नेता राहुल गांधी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और मुस्लिम लीग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में धारावी में एक चार मंजिला मस्जिद का अवैध निर्माण हुआ और जब उसे हटाने का प्रयास किया गया तो 10,000 से अधिक लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने यह भी दावा किया कि घुसपैठियों में से किसी के पास भी 2011 से पहले के निवास के प्रमाण नहीं हैं।
आम जनता पर असर
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद रेलवे जल्द नई पटरी बिछाने का काम शुरू करेगी, जिससे बांद्रा स्टेशन के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। सोमैया ने कहा कि आने वाले दिनों में पूरे बांद्रा को अवैध कब्जों से मुक्त करने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि बकरीद के अवसर पर रिहायशी इलाकों या सड़कों पर पशु-वध नहीं होने दिया जाएगा।
क्या होगा आगे
सोमैया के अनुसार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में इस तरह के अतिक्रमण-विरोधी अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने 'वोट माफियाओं' को चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध कब्जों पर अब किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। रेलवे प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, भूमि खाली होने के बाद बांद्रा स्टेशन के विस्तार और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज़ होगी।