महाराष्ट्र CM फडणवीस का निर्देश: विस्थापितों के 'आवास भंडार' के कुशल उपयोग के लिए बने व्यापक नीति
सारांश
Key Takeaways
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार, 2 मई 2026 को प्रशासन को निर्देश दिया कि विभिन्न ढाँचागत परियोजनाओं के कारण विस्थापित नागरिकों के लिए आरक्षित आवासों — जिन्हें 'आवास भंडार' (हाउसिंग स्टॉक) कहा जाता है — के कुशल और अधिकतम उपयोग के लिए एक व्यापक नीति तैयार की जाए। यह निर्देश मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में दिया गया, जिसमें केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित थे।
बैठक की पृष्ठभूमि और मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में रेखांकित किया कि मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में इस समय अनेक बड़ी ढाँचागत परियोजनाएँ प्रगति पर हैं, जिनसे शहर की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के चलते बड़ी संख्या में नागरिकों को विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है, और उनके लिए आरक्षित आवास भंडार का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्रीय एजेंसियों के स्वामित्व वाली उन ज़मीनों का संयुक्त सर्वेक्षण किया जाए जहाँ विकास परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं। अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्र सरकार से संबंधित सभी भूमि मामलों को समेकित कर एक एकीकृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।
MMRDA और नोडल अधिकारी की नियुक्ति
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के अधिकार क्षेत्र में विचाराधीन भूमि मामलों की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नियुक्ति न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इन मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जाएगी।
औद्योगिक विस्तार और स्वास्थ्य सुधार
बैठक में औद्योगिक विकास पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने छत्रपति संभाजी नगर के शेंद्रा-बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र में भूमि उपलब्धता के संबंध में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) से संपर्क करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही दिघी औद्योगिक क्षेत्र में अवसंरचना कार्यों में तेज़ी लाने को भी कहा गया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के मोर्चे पर, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को शताब्दी अस्पताल और भगवती अस्पताल को आधुनिक उपकरणों, बेहतर स्वच्छता सुविधाओं और पर्याप्त कर्मचारियों से सुसज्जित करने का निर्देश दिया गया।
नागरिक सुविधाएँ और सामाजिक पहल
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई के सभी निवासियों तक नागरिक सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए गाँव (पैतृक गाँवों) के मानचित्रण को शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया। दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर गोराई क्षेत्र में एक विश्व स्तरीय सम्मेलन केंद्र प्रस्तावित किया गया है, जिसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तरी मुंबई के लिए कौशल विकास और सामाजिक कल्याण पहलों पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के अंतर्गत विकसित शिमपोली कौशल विकास केंद्र को तत्काल चालू किया जाना चाहिए। कांदिवली में खेल सुविधाओं का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से किए जाने का सुझाव भी दिया गया।
नशामुक्ति, मत्स्य विकास और पर्यावरण
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन से 31 मार्च 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, मत्स्य संपदा योजना के तहत तटीय गाँवों के विकास और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थानीय निवासियों व पर्यटकों दोनों के लाभ के लिए मोबाइल शौचालयों की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया। यह बैठक मुंबई की दीर्घकालिक शहरी योजना को एक नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।