महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने का नया अभियान एवं एनईटीआरएम प्रणाली लागू की
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, ३० मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे शहरी जन कल्याण अभियान की शुरुआत की।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्विकास की प्रक्रिया को तेज करना है, साथ ही नए अवैध अतिक्रमणों को रोकने के लिए एडवांस एनईटीआरएम (नेटवर्क फॉर एनक्रोचमेंट ट्रैकिंग एंड रिपोर्टिंग फॉर मुंबई) तकनीक का उपयोग करना है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में शुरू किया गया यह अभियान, दिवंगत नेता के शहर के प्रति दृष्टिकोण को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है।
राज्य सरकार के इस निर्णय से झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास प्रक्रिया को काफी तेजी मिलने की उम्मीद है, जिससे नागरिकों को सुरक्षित और सुसज्जित आवासों में स्थानांतरित होने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हम इस मिशन के ज़रिए बालासाहेब ठाकरे के झुग्गी-मुक्त मुंबई के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, इस अभियान में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जो 50 एकड़ से अधिक हैं और जहां 51 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र झुग्गी-झोपड़ी से भरा हुआ है। झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर पुनर्विकास योजना को झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण द्वारा निजी, सरकारी और अर्ध-सरकारी भूमि पर लागू किया जाएगा।
सभी झुग्गीवासियों का सटीक मानचित्रण और बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और महाप्रीत जैसी एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
निवासियों को राहत देते हुए, सरकार ने पुनर्निर्मित आवासों के न्यूनतम आकार को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब सभी योग्य निवासियों को 300 वर्ग फुट के अपार्टमेंट मिलेंगे।
वर्तमान पुरानी परियोजनाओं को भी इन नए मानकों के अनुसार उन्नत किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में नई झुग्गियों के निर्माण को रोकने के लिए सरकार ने एनईटीआरएम योजना शुरू की है।