पीएमएवाई-जी: महाराष्ट्र को ₹8,368 करोड़ जारी, सतारा में 5 लाख ग्रामीण आवासों का गृह प्रवेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को सतारा के सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत महाराष्ट्र को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी करने की घोषणा की। इसी अवसर पर 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों का गृह प्रवेश कराया गया और पाँच लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से चाबियाँ सौंपी गईं।
समारोह में क्या हुआ
सतारा के सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित 'पीएमएवाई-जी लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह' में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयकुमार गोरे, सतारा के पालकमंत्री शंभूराज देसाई, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रसिंह भोसले, मदद एवं पुनर्वसन मंत्री मकरंद जाधव (पाटील), राज्य मंत्री योगेश कदम और सांसद श्रीमंत छत्रपति उदयनराजे भोसले उपस्थित रहे। चौहान ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, इकाइयों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ मिलकर सम्मानित भी किया।
केंद्र सरकार की घोषणाएँ
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का संकल्प है कि देश में कोई भी गरीब कच्चे मकान में न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन पात्र परिवारों के नाम अब तक सूची से छूट गए हैं, उनके लिए सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-चार (पीएमजीएसवाई-IV) के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए ₹122.98 करोड़ की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री फडणवीस को सौंपी गई। ये परियोजनाएँ 95.99 किलोमीटर लंबाई की हैं और राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाज़ार और आवश्यक सेवाओं से जोड़ेंगी।
महाराष्ट्र की उपलब्धि और मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से महाराष्ट्र को 30 लाख आवासों की स्वीकृति मिली और राज्य ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख घर पूर्ण कर लाभार्थियों को समर्पित किए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आवासों की गुणवत्ता बेहतर करने, सौर ऊर्जा के ज़रिए बिजली सुविधा देने और भूमिहीन पात्र परिवारों को भी सहायता प्रदान कर इस अभियान को व्यापक सामाजिक सुरक्षा के मॉडल में बदला है।
चौहान ने भी कहा कि महाराष्ट्र ने जिस गति और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, वह अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके अनुसार, जब राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण का भाव एकसाथ आते हैं, तब विकास अभियान जनआंदोलन बन जाते हैं।
आम जनता पर असर
₹8,368.50 करोड़ की यह राशि सीधे ग्रामीण महाराष्ट्र के उन परिवारों तक पहुँचेगी जो अब तक कच्चे या अस्थायी मकानों में रह रहे हैं। गौरतलब है कि पीएमएवाई-जी के तहत आवास केवल ईंट-पत्थर का ढाँचा नहीं है — इसमें बिजली, जल, स्वच्छता और सड़क संपर्क भी शामिल हैं, जिससे ग्रामीण जीवन-स्तर समग्र रूप से बेहतर होता है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र का लक्ष्य पूरी तरह बेघर-मुक्त राज्य बनना है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। सर्वे तथा सत्यापन प्रक्रिया के बाद छूटे हुए पात्र परिवारों को भी योजना में शामिल करने का आश्वासन केंद्रीय मंत्री चौहान ने दिया।