क्या बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है?

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क्या बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है?

सारांश

महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान के लिए नई तकनीक के विकास की जानकारी दी है। यह तकनीक बीएमसी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जानिए इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।

Key Takeaways

  • नई तकनीक से बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान आसान होगी।
  • बीएमसी चुनावों में यह मुद्दा महत्वपूर्ण बन सकता है।
  • उदय सामंत ने वचननामा पेश किया है जिसमें कई वादे हैं।
  • महिलाओं के लिए बस यात्रा में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
  • 40 लाख लोगों की मुंबई में वापसी का वादा किया गया है।

मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत ने जानकारी दी है कि बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान के लिए एक नई एडवांस तकनीक विकसित की जा रही है, जिससे इनकी पहचान करना आसान होगा।

बीएमसी चुनाव के दौरान मुंबई में बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की उपस्थिति पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां नितेश राणे अल्टीमेटम दे रहे हैं, वहीं मंत्री उदय सामंत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि यह नई तकनीक इनकी पहचान में सहायक साबित होगी।

उदय सामंत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने रविवार को एक ‘वचननामा’ पेश किया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण वादे किए गए हैं। हमने वचन दिया है कि मुंबई से बाहर किए गए 40 लाख लोगों को वापस लाएंगे और मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि बेस्ट की बसों में महिलाओं के लिए टिकट में राहत देने की भी योजना है।

रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की मुंबई में मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि हम बीएमसी में आने के बाद इनकी सफाई का कार्य करेंगे। बीएमसी में आने के 15 दिन बाद इन लोगों को बाहर निकालने का कार्य शुरू कर देंगे।

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने पर उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट है कि वर्तमान में माहौल महायुति के पक्ष में है। दोनों ने चुनाव के लिए वादे किए हैं, लेकिन हम वचननामा देंगे। हम पानी सप्लाई में सुधार करेंगे और बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट देंगे। हम मुंबईकरों के लिए काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गंभीरता से लेना आवश्यक नहीं है, क्योंकि उनका राजनीतिक भविष्य खतरे में है। वे केवल अपने नेताओं को खुश करने के लिए कार्य कर रहे हैं।

Point of View

बल्कि समाज में सुरक्षा और पहचान की समस्याओं को भी हल करने में मदद कर सकती है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान के लिए तकनीक कब लागू होगी?
यह तकनीक जल्द ही लागू होने की योजना है, लेकिन तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है।
क्या यह तकनीक केवल चुनावों के लिए है?
नहीं, यह तकनीक समाज की सुरक्षा और पहचान के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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