हरदीप सिंह पुरी का बयान: भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं, अफवाहों से रहें दूर
सारांश
Key Takeaways
- भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
- कच्चे तेल का भंडार पर्याप्त है।
- 40 देशों से कच्चा तेल आयात हो रहा है।
- घरेलू गैस सप्लाई स्थिर है।
- अफवाहें फैलाने से बचें।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और वर्तमान में भारत के पास पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अफवाहें न फैलाएं और गलत जानकारी से दूर रहें।
संसद में अपने वक्तव्य के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि भारत में ऊर्जा की उपलब्धता पूरी तरह से सुरक्षित है।
उन्होंने कहा, "भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति सुरक्षित है, और हमारे पास जितना तेल मौजूद है, वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आने वाली आपूर्ति से ज्यादा है।"
पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रभावी कूटनीतिक पहल और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की वजह से भारत ने इतना कच्चा तेल सुरक्षित किया है, जो संकट के दौरान प्रभावित हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से मिलने वाली मात्रा से भी अधिक है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, भारत अपने ऊर्जा आयात के स्रोतों को विविधता दे रहा है। अब देश केवल पश्चिम एशिया पर निर्भर नहीं है और घरेलू गैस सप्लाई भी स्थिर बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिससे विभिन्न मार्गों के माध्यम से ऊर्जा की आपूर्ति बनी रहती है और मौजूदा संघर्षों के बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है।
पुरी ने यह सुनिश्चित किया कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की पूरी सप्लाई उपलब्ध कराती है।
उन्होंने कहा, "घरेलू उपभोक्ताओं के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।"
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए लगातार कार्य कर रहा है। साथ ही, सरकार पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान जहाजों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान दे रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास जहाजों की आवाजाही से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है।
उन्होंने बताया कि आखिरी बातचीत में जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई थी, लेकिन इससे अधिक जानकारी देना अभी जल्दबाजी होगी।