पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत: हरदीप सिंह पुरी का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 10 जून 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत वैश्विक कच्चे तेल बाजार की किसी भी अस्थिरता से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा न केवल बरकरार है, बल्कि पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
मंत्री का आश्वासन: स्थिति नियंत्रण में
पुरी ने कहा कि सरकार पिछले कई महीनों से वैश्विक तेल बाजार के उतार-चढ़ाव को सफलतापूर्वक संभालती आई है। उन्होंने कहा, 'पिछले 100 दिनों में हमने जिस तरह स्थिति को संभाला है, आने वाले 30 या 60 दिनों में भी उसी तरह प्रयास जारी रहेंगे। लेकिन यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ बदलती हैं और तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी होती है, तो स्थिति की दोबारा समीक्षा करनी पड़ेगी।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली भारत की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर विशेषज्ञों में चिंता बढ़ रही है। मंत्री ने स्वीकार किया कि भारत की लगभग 7 प्रतिशत एलपीजी आपूर्ति और करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात इसी जलमार्ग से होता है।
होर्मुज जोखिम और वैकल्पिक रणनीति
पुरी ने यह भी कहा कि युद्धविराम के ईरान-अमेरिका समझौते में बदलने या तनाव के और बढ़ने को लेकर कई तरह की चर्चाएँ और रिपोर्टें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, 'मैं इस पर कोई अटकल नहीं लगाना चाहता।' गौरतलब है कि भारत ने तेल और गैस आपूर्ति के लिए कई वैकल्पिक स्रोत विकसित किए हैं, जिससे किसी एकल मार्ग पर निर्भरता कम हुई है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति
मंत्री ने बताया कि देश में एथेनॉल मिश्रण, बायोफ्यूल और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, 'हमारी एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, बायोफ्यूल ब्लेंडिंग में वृद्धि हुई है और सोलर क्षमता भी लगातार बढ़ रही है। इसके परिणामस्वरूप हम ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।'
पुरी ने सरकार की 'समुद्र मंथन' पहल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत नए तेल और गैस कुओं की ड्रिलिंग तथा घरेलू ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ₹90,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
ईंधन कीमतें और उत्पाद शुल्क कटौती
ईंधन कीमतों पर बात करते हुए पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें चार साल पहले की तुलना में अभी भी कम हैं। उन्होंने इसका श्रेय नवंबर 2021 और मई 2022 में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई कटौतियों को दिया, साथ ही कई भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों द्वारा वैट में कमी को भी इसकी वजह बताया।
उज्ज्वला योजना और सब्सिडी सुधार
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की पात्रता में की गई समीक्षा पर पुरी ने कहा कि यह कदम सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। सरकार को विश्वसनीय संकेत मिले थे कि कुछ लाभार्थी सब्सिडी वाले सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे थे या उन्हें अन्य लोगों को बेच रहे थे। उन्होंने कहा, 'सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराना, योजनाओं की दक्षता बढ़ाना और कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकना है।' आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार की दिशा और भारत की नीतिगत प्रतिक्रिया, दोनों पर नज़रें टिकी रहेंगी।