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क्या इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी है?

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क्या इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी है?

सारांश

क्या इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की स्थिति स्थिर है? केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जो देशवासियों के लिए राहत की बात है। जानें इस बारे में और क्या-क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।
कच्चे तेल के आपूर्तिकर्ताओं की संख्या बढ़ी है।
मोदी सरकार की योजनाओं का लाभ गरीब परिवारों तक पहुंच रहा है।
बायोफ्यूल ब्लेंडिंग में वृद्धि हुई है।
गैस सिलेंडर की सुविधा ग्रामीण इलाकों में भी पहुंची है।

नई दिल्ली, 18 जून (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को बताया कि देश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इस समय चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "इजरायल और ईरान संघर्ष के बीच मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और इस समय चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।"

पुरी ने आगे कहा कि इस समय दुनिया में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और हमारे कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं की संख्या अब बढ़कर 40 हो गई है, जो कि पहले 27 थी। इसके अलावा हम खुद भी कच्चे तेल का उत्पादन कर रहे हैं। हमारा आउटपुट भी बढ़ रहा है और हमारे पास काफी स्टॉक है।

एमके ग्लोबल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान प्रतिदिन लगभग 3.3 मिलियन बैरल (एमबीपीडी) कच्चे तेल का उत्पादन करता है और लगभग 1.5 एमबीपीडी का निर्यात करता है। ईरान होर्मुज स्ट्रेट के उत्तरी किनारे पर है, जिसके माध्यम से दुनिया में 20 एमबीपीडी से अधिक कच्चे तेल का व्यापार होता है।

इस कारण मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद ऐसी आशंका थी कि देश को कच्चे तेल के आयात में मुश्किलों का सामना कर पड़ सकता है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

पुरी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत की गई है। अब इस योजना का लाभ 10.33 करोड़ गरीब परिवारों को मिल रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "पहले केवल शहरी इलाकों तक ही गैस सिलेंडर की सुविधा सीमित थी, लेकिन मोदी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश के ग्रामीण इलाकों में भी एलपीजी सिलेंडर आसानी से पहुंचे।"

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2014 में हमने बायोफ्यूल ब्लेंडिंग 1.4 प्रतिशत से शुरू की थी, जो आज 20 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इजरायल-ईरान संघर्ष का भारत के पेट्रोल-डीजल पर असर पड़ेगा?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, इसलिए चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
भारत कच्चे तेल का उत्पादन कैसे कर रहा है?
भारत अब खुद भी कच्चे तेल का उत्पादन कर रहा है और इसके आपूर्तिकर्ताओं की संख्या बढ़कर 40 हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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