कोलकाता के तिलजला में बुलडोजर एक्शन के विरोध में पथराव, पुलिसकर्मी घायल; 30 हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के पार्क सर्कस स्थित तिलजला इलाके में 18 मई 2025 को उस समय हिंसा भड़क उठी, जब स्थानीय निवासियों की एक बड़ी भीड़ ने अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंके और कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। इस हिंसक विरोध-प्रदर्शन में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और सड़क पर चल रही बसों को भी नुकसान पहुँचा। बेनियापुकुर पुलिस स्टेशन ने अब तक 30 लोगों को हिरासत में लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, तिलजला में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के विरोध में स्थानीय निवासी पार्क सर्कस में एकत्रित हुए और सड़क जाम करने की कोशिश की। जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर सड़क खाली कराने का प्रयास किया, तो तनाव चरम पर पहुँच गया। कथित तौर पर इसके तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने बताया कि इस भीड़ ने पहले से कोई अनुमति नहीं ली थी। कथित तौर पर स्थानीय निवासियों के अलावा कई बाहरी लोग भी विरोध स्थल पर मौजूद थे, जिनकी संख्या एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार 1,000 से अधिक थी।
बस चालक का बयान
एक बस चालक ने दावा किया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की महिला कर्मी उसकी बस में सफर कर रही थीं। जैसे ही बल की टुकड़ी पार्क सर्कस क्रॉसिंग के पास उतरी, बस पर हमला हो गया। चालक ने बताया कि पथराव में बस का विंडशील्ड टूट गया और इस घटना में उसे भी चोट आई।
पुलिस की प्रतिक्रिया और तैनाती
कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आशेष बिस्वास ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। घटनास्थल पर कोलकाता पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों को भी तैनात किया गया था। पुलिस ने हिंसा में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया है और निगरानी बढ़ा दी गई है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कोलकाता सहित देश के कई शहरों में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाइयों को लेकर तनाव बढ़ा है। गौरतलब है कि बुलडोजर कार्रवाइयाँ अक्सर स्थानीय आबादी में असंतोष को जन्म देती हैं, खासकर तब जब निवासियों को पर्याप्त पूर्व-सूचना न मिली हो। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की ठोस योजना होनी चाहिए।
आगे क्या
पुलिस ने इलाके में भारी संख्या में बल तैनात कर निगरानी कड़ी कर दी है। बेनियापुकुर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों में आगे की गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। प्रशासन की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि तिलजला में ध्वस्तीकरण अभियान आगे भी जारी रहेगा या नहीं।