कोलकाता के तिलजला में बुलडोजर विरोध हिंसक: पुलिस पर पथराव, 3 जवान घायल, कई हिरासत में

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कोलकाता के तिलजला में बुलडोजर विरोध हिंसक: पुलिस पर पथराव, 3 जवान घायल, कई हिरासत में

सारांश

कोलकाता के तिलजला में बुलडोजर कार्रवाई और नमाज पर कथित पाबंदी के विरोध में उमड़ा प्रदर्शन हिंसा में बदल गया। पार्क सर्कस पर पुलिस पर पथराव हुआ, 3 जवान घायल हुए और कई लोग हिरासत में लिए गए। पुलिस का कहना है कि पूर्व खुफिया जानकारी की वजह से बड़ी घटना टल गई।

मुख्य बातें

17 मई 2025 को कोलकाता के तिलजला में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग पर पुलिस पर पथराव किया।
हमले में 3 पुलिसकर्मी घायल हुए; कई लोगों को हिरासत में लिया गया — सटीक संख्या अभी अघोषित।
एडिशनल एसीपी आशेष बिस्वास के अनुसार पुलिस को पहले से खुफिया जानकारी थी, जिससे बड़ी घटना टली।
घटना में स्थानीय और बाहरी दोनों तत्वों के शामिल होने की आशंका; नामों का सत्यापन जारी।
सुहरावर्दी एवेन्यू के आसपास गश्त बढ़ाई गई; मामले में प्राथमिकी दर्ज।

कोलकाता के तिलजला इलाके में 17 मई 2025 (शनिवार) को बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में भड़के प्रदर्शन ने उस वक्त हिंसक रूप ले लिया जब प्रदर्शनकारियों ने पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थानीय निवासियों ने बुलडोजर कार्रवाई के साथ-साथ सड़कों पर नमाज अदा करने पर कथित पाबंदी को लेकर भी नाराजगी जताई।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारियों ने पार्क सर्कस इलाके में सड़क जाम करने का प्रयास किया। जब पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, तो कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया और पुलिसकर्मियों पर सीधा हमला किया। इसके बाद सुरक्षा बलों ने स्थिति को काबू में करते हुए इलाके को खाली कराया।

घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने सुहरावर्दी एवेन्यू के निकटवर्ती गलियों में गश्त बढ़ा दी है। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालाँकि गिरफ्तार व्यक्तियों की सटीक संख्या अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

एडिशनल एसीपी आशेष बिस्वास ने बताया कि पुलिस को पहले से खुफिया जानकारी मिली हुई थी, जिसके आधार पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था पहले से तैनात की गई थी। उन्होंने कहा, 'पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया (एसओपी) के तहत कार्रवाई की है।' उनके अनुसार, सतर्कता के कारण कोई बड़ी घटना टल गई।

बिस्वास ने यह भी बताया कि इस घटना में कुछ स्थानीय और कुछ बाहरी तत्वों के शामिल होने की आशंका है, जिनके नामों का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्सों में बुलडोजर कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव बना हुआ है। पश्चिम बंगाल में इस प्रकार की कार्रवाइयाँ पहले भी विवाद का विषय रही हैं। गौरतलब है कि सड़कों पर नमाज को लेकर विवाद कोलकाता में पहली बार नहीं उठा है — यह मुद्दा पिछले कुछ वर्षों में कई बार स्थानीय तनाव की वजह बना है।

कानून-व्यवस्था की स्थिति

फिलहाल तिलजला और पार्क सर्कस के आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। घायल तीनों पुलिसकर्मियों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

आगे क्या

पुलिस सभी संदिग्धों की पहचान कर रही है और मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दूसरी ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उसी पर है। खुफिया जानकारी के बावजूद पथराव तक नौबत आना, पूर्व-निवारण तंत्र की सीमाओं को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि बुलडोजर कार्रवाई की वैधता और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर प्रशासन ने समुदाय से पहले संवाद क्यों नहीं किया।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के तिलजला में प्रदर्शन क्यों हुआ?
स्थानीय निवासियों ने बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में और सड़कों पर नमाज अदा करने पर कथित पाबंदी के खिलाफ पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन 17 मई 2025 को हुआ और बाद में हिंसक हो गया।
पुलिस पर पथराव में कितने जवान घायल हुए?
एडिशनल एसीपी आशेष बिस्वास के अनुसार इस घटना में पुलिस के 3 जवान घायल हुए। घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कोलकाता पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने एसओपी के तहत भीड़ को हटाया, इलाके को खाली कराया और कई लोगों को हिरासत में लिया। सुहरावर्दी एवेन्यू के पास गश्त बढ़ा दी गई है और मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
क्या इस घटना में बाहरी लोग शामिल थे?
एडिशनल एसीपी आशेष बिस्वास के अनुसार घटना में कुछ स्थानीय और कुछ बाहरी तत्वों के शामिल होने की आशंका है। संदिग्धों के नामों का सत्यापन किया जा रहा है और आगे गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
क्या पुलिस को इस प्रदर्शन की पूर्व जानकारी थी?
हाँ, एडिशनल एसीपी आशेष बिस्वास ने बताया कि पुलिस को पहले से खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी। उनके अनुसार इसी सतर्कता के कारण कोई बड़ी घटना नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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