बांद्रा ईस्ट में अवैध बस्ती ध्वस्त: 100% संरचना तोड़ी गई, मलबा हटाने का काम जारी
सारांश
मुख्य बातें
बांद्रा ईस्ट स्टेशन के निकट रेलवे की भूमि पर बनी अवैध बस्ती को गिराने का अभियान 22 मई 2025 को अपने चौथे दिन लगभग पूर्णता पर पहुँच गया — उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 19 मई से निर्बाध रूप से चल रही इस कार्रवाई में 100 प्रतिशत अवैध संरचनाएँ तोड़ दी गई हैं। अब परिसर से मलबा हटाने का काम तेज़ी से चल रहा है।
ध्वस्तीकरण की स्थिति
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि 19 मई से शुरू हुई यह कार्रवाई बिना किसी व्यवधान के जारी रही और अब तक समस्त अवैध निर्माण ध्वस्त किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जिन 100 संरचनाओं को पूर्णतः नहीं गिराया जाना था, उनमें प्रथम तल को छोड़कर उससे ऊपर के सभी तलों को हटाया जा रहा है। शेष कार्य शनिवार तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है।
सुरक्षा और बैरिकेडिंग व्यवस्था
विनीत अभिषेक के अनुसार, पहले दिन से ही 1,000 से 1,200 कर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें अधिकांश मुंबई सिटी पुलिस के जवान हैं। इसके अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के जवान भी तैनात हैं। गुरुवार शाम के बाद पूरे इलाके में बैरिकेडिंग और फेंसिंग का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।
यात्रियों पर असर और भविष्य की योजना
यह पूरा क्षेत्र लगभग 300 वर्ग मीटर भूमि पर फैला है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही परिसर पूरी तरह साफ हो जाएगा, यहाँ एक ट्रैफिक मैनेजमेंट योजना लागू की जाएगी। इससे बांद्रा टर्मिनस और बांद्रा लोकल स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होगी।
पत्थरबाजी मामले में गिरफ्तारियाँ
इस बीच, मुंबई पुलिस ने बांद्रा के गरीब नगर इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। जाँच अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के सीधे आदेश पर हो रही है, जो रेलवे की भूमि पर दशकों से जमी अवैध बस्तियों को हटाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में इस भूमि का उपयोग सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन के लिए किए जाने की योजना है।