बांद्रा गरीब नगर अतिक्रमण अभियान पूरा: पश्चिम रेलवे ने 5 दिन में साफ की ज़मीन, 50 नई ट्रेनों का रास्ता खुला
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम रेलवे द्वारा मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के निकट गरीब नगर इलाके में चलाया गया बड़ा अतिक्रमण-विरोधी अभियान 23 मई 2026 को पूरी तरह संपन्न हो गया। पाँच दिनों तक चले इस अभियान में सभी अवैध झुग्गियों और निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया, और शनिवार से मलबा हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया। खाली हुई यह ज़मीन सांताक्रूज–मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर पर पाँचवीं और छठी रेलवे लाइन बिछाने सहित कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का आधार बनेगी।
अभियान का विवरण और दायरा
पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान इलाके के सभी अवैध ढाँचे गिरा दिए गए। हालाँकि, वहाँ मौजूद लगभग 100 अधिकृत मकानों के ग्राउंड फ्लोर को सुरक्षा कारणों से अछूता रखा गया, लेकिन उन पर बने अवैध ऊपरी हिस्सों को तोड़ दिया गया। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अब मलबा हटाने का कार्य तेज़ गति से जारी है।
तनाव और पथराव की घटना
यह अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा। जब इलाके में स्थित एक धार्मिक ढाँचे को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, तो स्थानीय लोगों का आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने रेलवे एवं प्रशासन की टीम पर पथराव किया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई पुलिसकर्मी और स्थानीय निवासी घायल हुए। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात काबू में आए और आगे कोई बड़ा तनाव नहीं हुआ।
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की योजना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, खाली हुई ज़मीन का उपयोग सांताक्रूज से मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर के बीच पाँचवीं और छठी रेलवे लाइन विकसित करने में किया जाएगा। इससे लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन अलग-अलग किया जा सकेगा, जिससे लोकल ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा। साथ ही बांद्रा टर्मिनस और बांद्रा उपनगरीय स्टेशन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे भविष्य में लगभग 50 नई लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
बीकेसी और बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़ाव
गौरतलब है कि यह क्षेत्र बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के निकट स्थित है, जहाँ मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन सहित कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ऐसे में यह अभियान मुंबई की समग्र यातायात व्यवस्था और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए इलाके में सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। नए लेआउट के तहत स्टेशन पर प्रवेश और निकास व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिल सके। पश्चिम रेलवे का कहना है कि ज़मीन खाली होने के बाद बांद्रा स्टेशन क्षेत्र काफी खुला दिखने लगा है, जो यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाएगा।