बांद्रा ईस्ट में 100% अवैध संरचनाएँ ध्वस्त, चौथे दिन मलबा हटाने का काम जारी
सारांश
मुख्य बातें
बांद्रा ईस्ट स्टेशन के निकट रेलवे की भूमि पर बनी अवैध बस्ती को गिराने का अभियान 22 मई को अपने चौथे दिन लगभग संपन्न हो गया — पश्चिम रेलवे के अनुसार अब तक 100 प्रतिशत अवैध संरचनाएँ तोड़ी जा चुकी हैं और मलबा हटाने का काम तेज़ी से चल रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश पर 19 मई से शुरू हुई यह कार्रवाई बिना किसी बाधा के जारी रही।
मुख्य घटनाक्रम
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि 19 मई से अब तक सभी अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जिन 100 संरचनाओं को पूरी तरह नहीं तोड़ा जाना है, उनमें प्रथम तल से ऊपर की मंज़िलें हटाई जा रही हैं। शेष कार्य शनिवार तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सुरक्षा व्यवस्था
अभिषेक के अनुसार, पहले दिन से ही 1,000 से 1,200 कर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें अधिकांश मुंबई सिटी पुलिस के जवान हैं। इसके अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के जवान भी तैनात हैं। गुरुवार शाम के बाद पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग और फेंसिंग का काम पूरा किया जाएगा।
यात्रियों पर असर
यह भूमि 300 वर्ग मीटर की है। रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र साफ होने के बाद ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाएगा, जिससे बांद्रा टर्मिनस और बांद्रा लोकल स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होगी।
पत्थरबाजी मामले में गिरफ्तारियाँ
इस बीच, मुंबई पुलिस ने बांद्रा के गरीब नगर इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस के अनुसार जाँच तेज़ी से जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
आगे क्या होगा
पूरे क्षेत्र की सफाई और फेंसिंग के बाद रेलवे यहाँ व्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन लागू करेगा। यह कार्रवाई न केवल रेलवे भूमि को अतिक्रमण-मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि न्यायालय के आदेशों के क्रियान्वयन में प्रशासन की सक्रियता बढ़ी है।