क्या तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट में हिंसा के मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- मोहिबुल्लाह नदवी को समन भेजा जाएगा।
- यूट्यूबर सलमान की तलाश तेज।
- हिंसा में शामिल 30 लोगों की पहचान की गई।
- अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव की घटना।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट हुई हिंसा के संबंध में एक और आरोपी को पकड़ लिया है। इस नई गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या 12 हो गई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद इमरान उर्फ राजू (36) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पत्थरबाजी और हिंसा की घटना में शामिल था। आरोपी की गिरफ्तारी पर्याप्त सबूत मिलने के बाद की गई है। इससे पहले, पुलिस ने बुधवार को 5 और गुरुवार को 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की टीम जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव करना शुरू कर दिया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।
दिल्ली पुलिस ने पहले ही बताया था कि उन्होंने हिंसा में शामिल 30 लोगों की पहचान की है। यह पहचान सीसीटीवी फुटेज, पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरों की रिकॉर्डिंग और इलाके के कई वायरल वीडियो के आधार पर की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी जांच में शामिल होने के लिए समन भेजा जाएगा, क्योंकि आरोप है कि हिंसा भड़कने से पहले वह घटनास्थल पर थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अधिकारियों ने सांसद से घटनास्थल से दूर रहने का अनुरोध किया था, लेकिन घटना से पहले वह उस इलाके के पास बने रहे। पुलिस ने इस मामले में यूट्यूबर सलमान की तलाश भी तेज कर दी है। सलमान पर सोशल मीडिया का उपयोग करके शांति भंग करने का आरोप है। उस पर अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थानीय लोगों को घटनास्थल पर बुलाने का भी आरोप है।
जांच में यह भी पता चला है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने कथित तौर पर अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से निवासियों को इकट्ठा होने के लिए उकसाया। पुलिस का कहना है कि उनका उद्देश्य ऑपरेशन के दौरान अशांति फैलाना और प्रशासन तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में बाधा डालना था।
एफआईआर की कॉपी में दर्ज घटनाक्रम में अतिक्रमण वाली जमीन पर पुलिस की बैरिकेडिंग से लेकर एक दर्जन स्थानीय लोगों द्वारा भड़काऊ नारे लगाने और फिर पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने तक की बातें शामिल हैं। एफआईआर के अनुसार, करीब 12:40 बजे जब पुलिसकर्मियों ने इलाके में बैरिकेडिंग शुरू की, उसी समय 30-35 लोगों का एक समूह मौके पर एकत्र हो गया और नारे लगाने लगा तथा पुलिस को नाकाबंदी करने से रोकने लगा।