22 जुलाई 2026
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बेंगलुरु के शिवाजीनगर में अतिक्रमण अभियान पर हमला, पेपर स्प्रे-हेलमेट से वार; 10 हिरासत में

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बेंगलुरु के शिवाजीनगर में अतिक्रमण अभियान पर हमला, पेपर स्प्रे-हेलमेट से वार; 10 हिरासत में

सारांश

बेंगलुरु के संवेदनशील शिवाजीनगर इलाके में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर चल रहे अतिक्रमण अभियान को हिंसक प्रतिरोध का सामना करना पड़ा — जीबीए कर्मियों पर पेपर स्प्रे और हेलमेट से हमला हुआ। 10 हिरासत में, एक आरोपी फरार; मंत्री गौड़ा ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।

मुख्य बातें

21 जुलाई को बेंगलुरु के शिवाजीनगर बस टर्मिनल के पास अतिक्रमण हटाने गई जीबीए टीम पर पेपर स्प्रे और हेलमेट से कथित हमला हुआ।
एक सहायक अभियंता समेत कई नगर निगम कर्मचारी और जेसीबी चालक हमले में घायल बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया; एक कथित कन्नड़ समर्थक संगठन का कार्यकर्ता फरार है।
कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज; जाँच जारी।
शहरी विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने हमलावरों को 'असामाजिक तत्व' बताते हुए सभी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
अभियान सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत चलाया जा रहा था; भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई पुनः पूरी की गई।

बेंगलुरु के शिवाजीनगर इलाके में 21 जुलाई को फुटपाथ अतिक्रमण हटाने पहुँची ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) की टीम पर कथित तौर पर भीड़ ने पेपर स्प्रे और हेलमेट से हमला कर दिया, जिससे इस पहले से संवेदनशील इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।

मुख्य घटनाक्रम

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे पूर्व घोषणा के बाद शिवाजीनगर बस टर्मिनल के निकट अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया था। कुछ ही देर में स्थानीय संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जीबीए अधिकारियों और पुलिस के साथ तीखी बहस शुरू की, जो बाद में हिंसक हो गई।

बीबीएमपी के एक सुपरवाइजर ने बताया, 'हमने सुबह 9 बजे घोषणा के बाद अभियान शुरू किया था। हमें नहीं पता वे लोग कौन थे। उन्होंने हम पर हमला कर दिया और पेपर स्प्रे छिड़क दिया। वरिष्ठ सहायक कार्यकारी अभियंताओं पर भी हमला किया गया।' एक सहायक अभियंता पर हेलमेट से वार किया गया।

अभियान में तैनात जेसीबी चालक ने भी आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई। उसने कहा, 'कुछ लोग समूह में आए और मुझसे काम रोकने को कहा। बाद में उन्होंने पेपर स्प्रे किया और वहाँ से भाग गए।'

पुलिस की कार्रवाई

शिवाजीनगर पहले से ही सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, इसलिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और भारी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ समय के लिए अभियान रोका गया, लेकिन भारी पुलिस सुरक्षा के बीच इसे पुनः शुरू किया गया और शिवाजीनगर बस स्टैंड के आसपास की अतिक्रमण कार्रवाई पूरी की गई।

पुलिस ने अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है। एक अन्य आरोपी, जिसे कन्नड़ समर्थक संगठन का कार्यकर्ता बताया जा रहा है, फरार है। पुलिस जाँच कर रही है कि वह मौके पर कैसे पहुँचा और सरकारी अभियान में बाधा डालने में उसकी क्या भूमिका थी। इस मामले में कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की जा रही है।

मंत्री की प्रतिक्रिया

बेंगलुरु शहरी विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने हमलावरों को 'गुंडा तत्व' और 'असामाजिक तत्व' करार दिया, यह स्पष्ट करते हुए कि आरोपी गरीब फेरीवाले नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने वाले लोग थे।

गौड़ा ने कहा, 'सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने वाले हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। मैंने इस संबंध में पुलिस आयुक्त और जीबीए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा था और अपना कर्तव्य निभाने वाले अधिकारियों के साथ सरकार मज़बूती से खड़ी है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में नगर निकायों द्वारा अतिक्रमण-विरोधी अभियानों को स्थानीय प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि शिवाजीनगर जैसे घनी आबादी वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में इस तरह के अभियान अक्सर तनाव का कारण बनते हैं, क्योंकि यहाँ दशकों पुराने अनौपचारिक कारोबार और अतिक्रमण एक-दूसरे से उलझे हुए हैं।

मंत्री गौड़ा ने बताया कि वे लगातार जीबीए और पुलिस अधिकारियों के संपर्क में हैं। पुलिस फरार आरोपी की तलाश जारी रखे हुए है और आगे की जाँच के आधार पर अतिरिक्त गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों से टकराते हैं। शिवाजीनगर जैसे क्षेत्रों में अनौपचारिक व्यापार और अतिक्रमण दशकों की प्रशासनिक उदासीनता की उपज हैं — उन्हें रातोंरात हटाना बिना सामाजिक घर्षण के संभव नहीं। असली सवाल यह है कि क्या सरकार के पास केवल बल-प्रयोग से परे कोई पुनर्वास या वैकल्पिक आजीविका योजना है — क्योंकि बिना उसके, हर अभियान एक नई चिंगारी बन सकता है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु के शिवाजीनगर में अतिक्रमण टीम पर हमला कब और कैसे हुआ?
21 जुलाई को सुबह करीब 9 बजे शिवाजीनगर बस टर्मिनल के पास जीबीए की अतिक्रमण-विरोधी टीम पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर पेपर स्प्रे और हेलमेट से हमला किया। पूर्व घोषणा के बाद शुरू हुए अभियान में बाधा डालते हुए हमलावर भाग गए।
हमले के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने घटना के बाद 10 लोगों को हिरासत में लिया है और कमर्शियल स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज की जा रही है। एक कथित कन्नड़ समर्थक संगठन का कार्यकर्ता अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने इस घटना पर क्या कहा?
शहरी विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने हमले की निंदा करते हुए हमलावरों को 'असामाजिक तत्व' और 'गुंडा' बताया। उन्होंने पुलिस आयुक्त और जीबीए अधिकारियों को सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए।
यह अतिक्रमण अभियान किसके आदेश पर चलाया जा रहा था?
यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा था। मंत्री गौड़ा ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों को लागू करते समय सरकारी कर्मचारियों पर हमला करना गंभीर अपराध है।
क्या शिवाजीनगर में अभियान पूरा हो सका?
हमले के बाद कुछ समय के लिए अभियान रोका गया, लेकिन भारी पुलिस सुरक्षा के बीच इसे दोबारा शुरू किया गया और शिवाजीनगर बस स्टैंड के आसपास की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की गई।
राष्ट्र प्रेस
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