22 जुलाई 2026
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बेंगलुरु: अतिक्रमण-विरोधी अभियान में अधिकारियों पर हमले के आरोप में 'नम्मा कर्नाटक सेना' प्रमुख बसवराज पडुकोटे गिरफ्तार

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बेंगलुरु: अतिक्रमण-विरोधी अभियान में अधिकारियों पर हमले के आरोप में 'नम्मा कर्नाटक सेना' प्रमुख बसवराज पडुकोटे गिरफ्तार

सारांश

बेंगलुरु के शिवाजीनगर में अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान सरकारी कर्मचारियों पर कथित हमले का मामला केवल सड़क की लड़ाई नहीं — पुलिस के अनुसार यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने 'सामाजिक कार्यकर्ता' की आड़ में कथित जबरन वसूली का नेटवर्क खड़ा किया। 10 घंटे में हुई गिरफ्तारी और 11 आरोपी — मामला अभी और गहरा हो सकता है।

मुख्य बातें

बसवराज पडुकोटे , 'नम्मा कर्नाटक सेना' के राज्य अध्यक्ष, को 22 जुलाई को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार किया।
घटना शिवाजीनगर बस टर्मिनल के निकट हुई जब ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) का दल अतिक्रमण हटा रहा था।
कर्मचारियों पर कथित तौर पर पेपर स्प्रे और हेलमेट से हमला किया गया।
पडुकोटे की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 11 हो गई; पडुकोटे के बेटे रघु सहित 10 पहले गिरफ्तार हो चुके थे।
पुलिस को संदेह है कि पडुकोटे फुटपाथ विक्रेताओं से कथित तौर पर हफ्ता वसूली करते थे।
मामला कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज; और गिरफ्तारियों की संभावना।

बेंगलुरु के शिवाजीनगर में 22 जुलाई को 'सेफ फुटपाथ कैंपेन' के तहत चलाए जा रहे अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के कर्मचारियों पर कथित हमले के मामले में 'नम्मा कर्नाटक सेना' के राज्य अध्यक्ष बसवराज पडुकोटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घटना के 10 घंटे के भीतर की गई यह गिरफ्तारी इस मामले में अब तक की 11वीं गिरफ्तारी है।

मुख्य घटनाक्रम

मंगलवार को शिवाजीनगर बस टर्मिनल के निकट जीबीए का अतिक्रमण-विरोधी दल फुटपाथ से अवैध कब्जे हटा रहा था। पुलिस के अनुसार, लोगों के एक समूह ने अभियान में बाधा डाली, नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उन पर पेपर स्प्रे तथा हेलमेट से कथित तौर पर हमला किया। इस घटना से सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इस इलाके में तनाव फैल गया और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, पडुकोटे इस मामले के मुख्य आरोपी हैं और उन्होंने कथित तौर पर हमले की अगुवाई की। घटना के बाद पडुकोटे ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और फरार हो गए। पुलिस ने कई टीमें गठित कीं और उन्हें ट्रैक करके भागने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किया। इससे पहले पुलिस पडुकोटे के बेटे रघु समेत 10 अन्य आरोपियों को हिरासत में ले चुकी थी।

आरोपी की पृष्ठभूमि

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पडुकोटे का आपराधिक इतिहास रहा है। शुरुआती जाँच से पता चलता है कि उन्होंने कन्नड़ संगठनों के माध्यम से शिवाजीनगर इलाके में अपना प्रभाव बढ़ाया और खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया।

पुलिस को संदेह है कि पडुकोटे ने कन्नड़ संगठनों के बैनर तले गणेश चतुर्थी का आयोजन किया और शिवाजीनगर में फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों से कथित तौर पर हफ्ता (जबरन वसूली) वसूला। जाँचकर्ताओं का मानना है कि इस धन का उपयोग स्थानीय नेटवर्क मजबूत करने और सार्वजनिक छवि बनाने में किया गया। पडुकोटे मशहूर हस्तियों के साथ तस्वीरें खिंचवाने और खुद को एक प्रमुख सार्वजनिक व्यक्तित्व के रूप में पेश करने के लिए भी जाने जाते थे।

सरकार की प्रतिक्रिया

बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने एक्स पर पोस्ट कर बेंगलुरु सिटी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने लिखा, "शिवाजीनगर में जीबीए अधिकारियों पर हमले की घटना के मुख्य आरोपी बसवराज पडुकोटे को 10 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपना फोन बंद कर लिया था और छिप गया था, लेकिन पुलिस ने कई टीमें बनाईं, उसे ट्रैक किया और भागने की कोशिश करते समय उसे गिरफ्तार कर लिया।" मंत्री गौडा ने हमलावरों को 'गुंडे' करार देते हुए कहा कि इसमें शामिल हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच

इस मामले में कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी अब पडुकोटे की कथित गतिविधियों के दायरे और अन्य अपराधों से उनके संभावित संबंधों की जाँच कर रहे हैं। पुलिस ने संकेत दिया है कि जाँच के निष्कर्षों के आधार पर और गिरफ्तारियाँ या आरोप तय किए जा सकते हैं। यह घटना बेंगलुरु में अतिक्रमण-विरोधी अभियानों के दौरान सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर नए सिरे से सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सिद्ध हुआ, तो यह दिखाएगा कि 'सामाजिक कार्यकर्ता' की छवि किस तरह संगठित दबंगई की ढाल बन सकती है। बेंगलुरु जैसे महानगर में जहाँ अतिक्रमण-विरोधी अभियान पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं, इस तरह की हिंसा सरकारी कार्यों को बाधित करने का एक हथियार बन जाती है। असली परीक्षा यह है कि क्या जाँच केवल हमले तक सीमित रहती है या कथित वसूली नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसवराज पडुकोटे को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
बसवराज पडुकोटे को बेंगलुरु के शिवाजीनगर में अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के कर्मचारियों पर कथित हमले की अगुवाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मामला कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है।
'नम्मा कर्नाटक सेना' क्या है?
'नम्मा कर्नाटक सेना' एक कन्नड़ क्षेत्रीय संगठन है जिसके राज्य अध्यक्ष बसवराज पडुकोटे हैं। पुलिस के अनुसार, पडुकोटे ने इस और अन्य कन्नड़ संगठनों के माध्यम से शिवाजीनगर इलाके में अपना प्रभाव बढ़ाया था।
शिवाजीनगर में अधिकारियों पर हमला कैसे हुआ?
मंगलवार को जीबीए का दल 'सेफ फुटपाथ कैंपेन' के तहत शिवाजीनगर बस टर्मिनल के पास अतिक्रमण हटा रहा था। पुलिस के अनुसार, एक समूह ने अभियान में बाधा डाली और कर्मचारियों पर पेपर स्प्रे तथा हेलमेट से कथित तौर पर हमला किया।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पडुकोटे की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में कुल 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इससे पहले पडुकोटे के बेटे रघु समेत 10 आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने संकेत दिया है कि जाँच के आधार पर और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
सरकार ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने एक्स पर पोस्ट कर पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और हमलावरों को 'गुंडे' करार दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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