शिवसागर में उल्फा-आई का सदस्य गिरफ्तार, पिस्तौल और 8 ग्रेनेड बरामद

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शिवसागर में उल्फा-आई का सदस्य गिरफ्तार, पिस्तौल और 8 ग्रेनेड बरामद

सारांश

असम पुलिस ने शिवसागर के पलेंगी क्षेत्र में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अभियान में उल्फा-आई के कथित सदस्य रोंटू असम उर्फ बीरेन चेतिया को गिरफ्तार किया। उसके पास से पिस्तौल, 10 कारतूस और 8 ग्रेनेड बरामद हुए — यह ऊपरी असम में संगठन के नेटवर्क को तोड़ने की बड़ी कार्रवाइयों की कड़ी में ताज़ा घटना है।

मुख्य बातें

असम पुलिस ने 6 मई को शिवसागर जिले के पलेंगी क्षेत्र में उल्फा-आई के कथित सदस्य को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार संदिग्ध की पहचान रोंटू असम उर्फ बीरेन चेतिया के रूप में हुई, जो डिब्रूगढ़ जिले के बेजपाथर गाँव का निवासी है।
आरोपी के पास से 1 पिस्तौल , 10 जिंदा कारतूस और 8 ग्रेनेड बरामद किए गए।
जाँच एजेंसियाँ उसके स्लीपर मॉड्यूल और हथियार तस्करी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जाँच कर रही हैं।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उग्रवाद-विरोधी अभियान जारी रखने का संकल्प दोहराया है।

असम पुलिस ने बुधवार, 6 मई को शिवसागर जिले के दिमोव के पलेंगी क्षेत्र में एक लक्षित अभियान चलाकर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) — जिसे उल्फा-आई के नाम से जाना जाता है — के एक कथित सदस्य को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से एक पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस और 8 ग्रेनेड बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

गिरफ्तार संदिग्ध की पहचान रोंटू असम उर्फ बीरेन चेतिया के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह डिब्रूगढ़ जिले के मोरान पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले बेजपाथर गाँव का निवासी है। उसे आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है।

अभियान कैसे चलाया गया

पुलिस सूत्रों के अनुसार, उल्फा-आई कार्यकर्ताओं की गतिविधियों के संबंध में विशिष्ट खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया। तलाशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी के पास से हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की। अधिकारियों को संदेह है कि आरोपी का ऊपरी असम में उल्फा-आई के सक्रिय नेटवर्क से सीधा संबंध है।

जाँच का दायरा

सुरक्षा एजेंसियाँ अब यह जाँच कर रही हैं कि क्या गिरफ्तार व्यक्ति किसी स्लीपर मॉड्यूल को पुनर्गठित करने के प्रयासों में शामिल था, अथवा क्षेत्र में हथियारों और विस्फोटकों की आवाजाही में सहायक की भूमिका निभा रहा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों से उसके संभावित संबंधों का भी पता लगाया जा रहा है।

व्यापक अभियान की पृष्ठभूमि

यह गिरफ्तारी असम पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हाल के महीनों में पूरे राज्य में उल्फा-आई के विरुद्ध चलाए जा रहे तेज आतंकवाद-विरोधी अभियानों के बीच हुई है। खुफिया रिपोर्टों में सामने आया है कि यह संगठन अपनी गतिविधियाँ पुनर्जीवित करने और स्थानीय युवाओं की भर्ती करने के नए प्रयास कर रहा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, चराइदेव और शिवसागर सहित कई जिलों से उल्फा-आई के कई कथित समर्थकों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा चुका है। संयुक्त अभियानों के दौरान हथियार, गोला-बारूद और आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी जब्त किए गए हैं।

सरकार का रुख

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बार-बार स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार उग्रवादी गतिविधियों के विरुद्ध अपनी कार्रवाई जारी रखेगी और असम में शांति भंग करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ कड़ी निगरानी बनाए रखेगी। सुरक्षा बलों ने ऊपरी असम के जिलों में निगरानी और तलाशी अभियान और तेज कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि परिचालन तैयारी का संकेत है। सवाल यह है कि क्या सुरक्षा एजेंसियाँ केवल व्यक्तिगत गिरफ्तारियों से आगे बढ़कर आपूर्ति श्रृंखला और भर्ती तंत्र को तोड़ने में सफल हो पाएंगी — जो अब तक की कार्रवाइयों में अधूरा काम रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवसागर में किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?
असम पुलिस ने 6 मई को शिवसागर जिले के पलेंगी क्षेत्र से उल्फा-आई के कथित सदस्य रोंटू असम उर्फ बीरेन चेतिया को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस और 8 ग्रेनेड बरामद हुए।
उल्फा-आई क्या है और यह क्यों प्रतिबंधित है?
यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन है जो असम की स्वतंत्रता की माँग करता है। भारत सरकार ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है और यह शांति वार्ताओं से बाहर रहकर सशस्त्र गतिविधियाँ जारी रखे हुए है।
क्या ऊपरी असम में उल्फा-आई की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं?
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, उल्फा-आई स्थानीय युवाओं की भर्ती और स्लीपर मॉड्यूल को पुनर्गठित करने के प्रयास कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, चराइदेव और शिवसागर से कई कथित सदस्य हिरासत में लिए गए हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
सुरक्षा एजेंसियाँ आरोपी से पूछताछ कर संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों और हथियार आपूर्ति नेटवर्क की जाँच कर रही हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का इस पर क्या रुख है?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार उग्रवादी गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने असम में शांति भंग करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ कड़ी निगरानी बनाए रखने का संकल्प दोहराया है।
राष्ट्र प्रेस
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