4 अगस्त 2026
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उल्फा(आई) पर शिकंजा: भारतीय सेना और असम पुलिस के संयुक्त अभियान में कैडर समेत 15 गिरफ्तार

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उल्फा(आई) पर शिकंजा: भारतीय सेना और असम पुलिस के संयुक्त अभियान में कैडर समेत 15 गिरफ्तार

सारांश

ऊपरी असम में भारतीय सेना के 'रेड शील्ड गनर्स' और असम पुलिस ने TECHINT व HUMINT के आधार पर बहुचरणीय अभियान में उल्फा(आई) के नेटवर्क पर बड़ी चोट की — एक कैडर, 10 ओवरग्राउंड वर्कर्स और नशा तस्कर गिरफ्तार। यह अभियान अलगाववादी समर्थन ढाँचे को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

भारतीय सेना के 'रेड शील्ड गनर्स' (स्पीयर कोर) और असम पुलिस ने अप्रैल 2026 में ऊपरी असम में सफल संयुक्त अभियान चलाया।
उल्फा(आई) के 1 सक्रिय कैडर , 10 ओवरग्राउंड वर्कर्स और 4 नशा तस्कर गिरफ्तार।
गिरफ्तार नशा तस्करों के उल्फा(आई) से गहरे संबंध होने की पुष्टि हुई।
अभियान में TECHINT और HUMINT दोनों का उपयोग; नशीले पदार्थ भी बरामद।
अभियान का लक्ष्य तिनसुकिया, चराइदेव और शिवसागर जिलों में अलगाववादी समर्थन नेटवर्क को ध्वस्त करना था।

भारतीय सेना के 'रेड शील्ड गनर्स' (स्पीयर कोर) और असम पुलिस की संयुक्त टीमों ने अप्रैल 2026 में ऊपरी असम के तिनसुकिया, चराइदेव और शिवसागर जिलों में एक बहुचरणीय सफल अभियान को अंजाम दिया। सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए इस अभियान में उल्फा(आई) के एक सक्रिय कैडर, 10 ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) और 4 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

अभियान का विवरण और खुफिया आधार

सुरक्षा बलों ने टेक्निकल इंटेलिजेंस (TECHINT) और ह्यूमन इंटेलिजेंस (HUMINT) के संयुक्त उपयोग से इन तत्वों की पहचान की और संवेदनशील इलाकों में छापेमारी की। अभियान के दौरान नशीले पदार्थों की भी काफी मात्रा बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों नशा तस्करों के उल्फा(आई) जैसे अलगाववादी संगठनों से गहरे संबंध होने की पुष्टि हुई है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य

सूत्रों के अनुसार, इन संयुक्त अभियानों का प्राथमिक लक्ष्य ऊपरी असम में सक्रिय अलगाववादी संगठनों के समर्थन नेटवर्क को चिन्हित कर उसे पूरी तरह ध्वस्त करना था। यह ऐसे समय में आया है जब ऊपरी असम में उल्फा(आई) की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क थीं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र दशकों से अलगाववादी हिंसा का केंद्र रहा है।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

इस सफलता पर टिप्पणी करते हुए सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

दीर्घकालिक शांति के लिए केवल गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं हैं; स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार और विकास के अवसर उतने ही ज़रूरी हैं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उल्फा(आई) क्या है और यह असम में कैसे सक्रिय है?
उल्फा(आई) यानी यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) एक प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन है जो असम को भारत से अलग करने की माँग करता है। यह संगठन ऊपरी असम के जिलों में ओवरग्राउंड वर्कर्स और समर्थन नेटवर्क के ज़रिए अपनी गतिविधियाँ जारी रखता है।
इस संयुक्त अभियान में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
अभियान में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया — उल्फा(आई) का 1 सक्रिय कैडर, 10 ओवरग्राउंड वर्कर्स और 4 नशा तस्कर। इन सभी के राष्ट्र-विरोधी संगठनों से संबंध होने की पुष्टि हुई है।
ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) कौन होते हैं?
ओवरग्राउंड वर्कर्स वे लोग होते हैं जो प्रतिबंधित संगठनों के लिए खुलेआम काम करते हैं — जैसे सूचना संग्रह, फंडिंग, भर्ती और लॉजिस्टिक सहायता। ये सशस्त्र कैडर नहीं होते, लेकिन संगठन की रीढ़ माने जाते हैं।
नशा तस्करों का उल्फा(आई) से क्या संबंध है?
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों नशा तस्करों के उल्फा(आई) से गहरे संबंध होने की पुष्टि हुई है। माना जाता है कि अलगाववादी संगठन ड्रग तस्करी को फंडिंग के एक स्रोत के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
यह अभियान किन जिलों में चलाया गया?
यह अभियान ऊपरी असम के तिनसुकिया, चराइदेव और शिवसागर जिलों में अप्रैल 2026 में कई चरणों में चलाया गया। ये तीनों जिले ऐतिहासिक रूप से उल्फा(आई) की गतिविधियों के लिहाज़ से संवेदनशील माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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