उल्फा(आई) पर शिकंजा: भारतीय सेना और असम पुलिस के संयुक्त अभियान में कैडर समेत 15 गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय सेना के 'रेड शील्ड गनर्स' (स्पीयर कोर) और असम पुलिस ने अप्रैल 2026 में ऊपरी असम में सफल संयुक्त अभियान चलाया।
- उल्फा(आई) के 1 सक्रिय कैडर, 10 ओवरग्राउंड वर्कर्स और 4 नशा तस्कर गिरफ्तार।
- गिरफ्तार नशा तस्करों के उल्फा(आई) से गहरे संबंध होने की पुष्टि हुई।
- अभियान में TECHINT और HUMINT दोनों का उपयोग; नशीले पदार्थ भी बरामद।
- अभियान का लक्ष्य तिनसुकिया, चराइदेव और शिवसागर जिलों में अलगाववादी समर्थन नेटवर्क को ध्वस्त करना था।
भारतीय सेना के 'रेड शील्ड गनर्स' (स्पीयर कोर) और असम पुलिस की संयुक्त टीमों ने अप्रैल 2026 में ऊपरी असम के तिनसुकिया, चराइदेव और शिवसागर जिलों में एक बहुचरणीय सफल अभियान को अंजाम दिया। सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए इस अभियान में उल्फा(आई) के एक सक्रिय कैडर, 10 ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) और 4 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान का विवरण और खुफिया आधार
सुरक्षा बलों ने टेक्निकल इंटेलिजेंस (TECHINT) और ह्यूमन इंटेलिजेंस (HUMINT) के संयुक्त उपयोग से इन तत्वों की पहचान की और संवेदनशील इलाकों में छापेमारी की। अभियान के दौरान नशीले पदार्थों की भी काफी मात्रा बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों नशा तस्करों के उल्फा(आई) जैसे अलगाववादी संगठनों से गहरे संबंध होने की पुष्टि हुई है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
सूत्रों के अनुसार, इन संयुक्त अभियानों का प्राथमिक लक्ष्य ऊपरी असम में सक्रिय अलगाववादी संगठनों के समर्थन नेटवर्क को चिन्हित कर उसे पूरी तरह ध्वस्त करना था। यह ऐसे समय में आया है जब ऊपरी असम में उल्फा(आई) की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क थीं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र दशकों से अलगाववादी हिंसा का केंद्र रहा है।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
इस सफलता पर टिप्पणी करते हुए सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने कहा,