2 जुलाई 2026
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तृणमूल नेता इफ्तिखार अहमद गिरफ्तार: पूर्वी बर्दवान में रंगदारी और जानलेवा धमकी के आरोप

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तृणमूल नेता इफ्तिखार अहमद गिरफ्तार: पूर्वी बर्दवान में रंगदारी और जानलेवा धमकी के आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता इफ्तिखार अहमद उर्फ पप्पू की गिरफ्तारी महज एक आपराधिक मामला नहीं — यह राजनीतिक संरक्षण में पलने वाले जबरन वसूली नेटवर्क पर उठते सवालों की नई कड़ी है। 2019 से 2026 तक चले कथित रंगदारी राज और पूर्व विधायक से जुड़े तार इस मामले को बड़ा बनाते हैं।

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस नेता इफ्तिखार अहमद उर्फ पप्पू को 2 जुलाई 2026 को दुर्गापुर के विरिंगी से गिरफ्तार किया गया।
आरोप: हथियार दिखाकर रंगदारी वसूली, जानलेवा धमकी और घर में घुसकर नकदी व गहने लूटना।
बर्दवान जिला अदालत ने पुलिस की 10 दिन की माँग के बजाय 3 दिन की हिरासत का आदेश दिया।
शिकायत 26 मई 2026 को शिवशंकर चौधरी ने दर्ज कराई; आरोप है कि रंगदारी से इनकार पर दुकान पर हमला हुआ।
पुलिस के अनुसार, 2019 से 2026 के बीच दर्ज कई मामलों में अहमद का नाम है; रकम राज्य के अलग-अलग हिस्सों में निवेश की गई।
अहमद ने रंगदारी नेटवर्क और अवैध हथियारों का पता लगाने में जाँच में सहयोग का आश्वासन दिया है।

पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले की पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रभावशाली नेता इफ्तिखार अहमद उर्फ पप्पू को बुधवार, 2 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया। उन पर हथियार दिखाकर रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों के आरोप हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी पड़ोसी पश्चिमी बर्दवान जिले के दुर्गापुर क्षेत्र के विरिंगी इलाके से की गई।

मुख्य घटनाक्रम

इफ्तिखार अहमद, बर्दवान नगर पालिका की पूर्व पार्षद शेफाली बेगम के पति हैं, जिन्होंने पिछले महीने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। गुरुवार को जब उन्हें बर्दवान जिला अदालत में पेश किया गया, तो पुलिस ने विस्तृत जाँच के लिए 10 दिन की हिरासत की माँग की। अदालत ने 3 दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया।

पुलिस का कहना है कि अहमद 2019 से 2026 के बीच अपने राजनीतिक संपर्कों और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए बर्दवान स्टेशन और बर्दवान शहर के व्यापारियों व आम नागरिकों से जबरन रंगदारी वसूल रहे थे।

शिकायतकर्ता पर हमले की कहानी

यह मामला 26 मई 2026 को दर्ज एक लिखित शिकायत से शुरू हुआ। शिकायतकर्ता शिवशंकर चौधरी ने आरोप लगाया कि रंगदारी देने से इनकार करने पर बर्दवान रेलवे स्टेशन के पास उनकी दुकान पर हमला किया गया और तोड़फोड़ की गई। उन्हें कथित तौर पर बंदूक की नोक पर जान से मारने की धमकी दी गई और विरोध करने पर उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की गई।

इसके बाद आरोपी कथित तौर पर उनके घर में घुस गए और नकदी व सोने के गहने लूट लिए। पुलिस के अनुसार, अहमद ने इलाके में अवैध हथियारों के बल पर डर का माहौल बनाए रखा था।

राजनीतिक कनेक्शन और रंगदारी नेटवर्क

जाँच में सामने आया है कि अहमद ने बर्दवान दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व तृणमूल विधायक खोकन दास से अपनी करीबी का फायदा उठाकर रंगदारी से भारी रकम वसूली। पुलिस का दावा है कि यह राशि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में निवेश की गई थी।

गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में राजनीतिक संरक्षण में पनपने वाले जबरन वसूली के उन कथित नेटवर्कों की ओर ध्यान दिलाता है, जिन पर आलोचक लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, अहमद ने पूछताछ में कई अहम जानकारियाँ दी हैं।

जाँच की अगली दिशा

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तृणमूल नेता ने रंगदारी नेटवर्क और अवैध हथियारों का पता लगाने में सहयोग का आश्वासन दिया है। 3 दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जाँचकर्ता इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने का प्रयास करेंगे। यह देखना बाकी है कि इस मामले में और कितने नाम सामने आते हैं और क्या तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या रंगदारी नेटवर्क के ऊपरी तारों तक पहुँचेगी। राजनीतिक संरक्षण में पनपे ऐसे मामलों में अक्सर जाँच बीच में ही रुक जाती है — और यही जवाबदेही की सबसे बड़ी परीक्षा है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इफ्तिखार अहमद उर्फ पप्पू को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पूर्वी बर्दवान पुलिस ने उन्हें हथियार दिखाकर रंगदारी वसूलने, जानलेवा धमकी देने और घर में घुसकर लूट करने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उन्होंने 2019 से 2026 के बीच बर्दवान शहर और बर्दवान स्टेशन क्षेत्र में व्यापारियों व नागरिकों से जबरन रंगदारी वसूली।
यह मामला कब और कैसे शुरू हुआ?
यह मामला 26 मई 2026 को शिवशंकर चौधरी की लिखित शिकायत से शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि रंगदारी देने से इनकार करने पर बर्दवान रेलवे स्टेशन के पास उनकी दुकान पर हमला किया गया, उनकी पत्नी के साथ मारपीट हुई और घर से नकदी व सोने के गहने लूटे गए।
अदालत ने कितने दिन की पुलिस हिरासत दी?
बर्दवान जिला अदालत ने 3 दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया। पुलिस ने विस्तृत जाँच के लिए 10 दिन की हिरासत माँगी थी, लेकिन अदालत ने केवल 3 दिन स्वीकृत किए।
इफ्तिखार अहमद का तृणमूल कांग्रेस से क्या संबंध है?
वे पूर्वी बर्दवान जिले में तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता बताए जाते हैं। उनकी पत्नी शेफाली बेगम बर्दवान नगर पालिका की पूर्व पार्षद हैं, जिन्होंने गिरफ्तारी से पहले पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था। पुलिस के अनुसार, अहमद ने बर्दवान दक्षिण के पूर्व तृणमूल विधायक खोकन दास से अपनी करीबी का फायदा उठाकर रंगदारी नेटवर्क चलाया।
जाँच में आगे क्या होगा?
पुलिस हिरासत के दौरान जाँचकर्ता रंगदारी नेटवर्क और अवैध हथियारों के स्रोत का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। अहमद ने जाँच में सहयोग का आश्वासन दिया है। पुलिस के अनुसार, वसूली की गई रकम राज्य के अलग-अलग हिस्सों में निवेश की गई थी, जिसकी भी जाँच की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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