26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुरुलिया: टीएमसीपी जिला अध्यक्ष किरीति आचार्य वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुरुलिया: टीएमसीपी जिला अध्यक्ष किरीति आचार्य वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

सारांश

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में तृणमूल छात्र परिषद के जिला अध्यक्ष किरीति आचार्य की गिरफ्तारी महज एक अकेली घटना नहीं — यह उस सिलसिले की अगली कड़ी है जिसमें जिला परिषद उपाध्यक्ष सुजॉय बनर्जी और उनके भतीजे पहले ही हिरासत में हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद पुरुलिया में तृणमूल नेताओं पर शिकंजा तेज़ी से कस रहा है।

मुख्य बातें

किरीति आचार्य , तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के पुरुलिया जिला अध्यक्ष , को शनिवार रात कथित वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने 26 जुलाई 2026 (रविवार) को गिरफ्तारी की पुष्टि की; आचार्य को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।
पुरुलिया शहर के स्थानीय निवासियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
इससे पहले अन्नपूर्णा योजना धोखाधड़ी मामले में सुजॉय बनर्जी (जिला परिषद उपाध्यक्ष) और कृपासिंधु बनर्जी (पुंचा पंचायत समिति उपाध्यक्ष) भी गिरफ्तार हो चुके हैं।
विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार के बाद आचार्य सार्वजनिक जीवन से लगभग पूरी तरह गायब हो गए थे।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के जिला अध्यक्ष किरीति आचार्य को कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में शनिवार रात गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार, 26 जुलाई को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। आचार्य को जल्द ही स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उनकी न्यायिक हिरासत माँग सकती है।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, पुरुलिया शहर के कुछ स्थानीय निवासियों ने शनिवार को आचार्य के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने उसी रात कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया और थाने ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि आचार्य के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी सहित कई शिकायतें पहले से भी दर्ज थीं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और सार्वजनिक जीवन से गायब होना

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल में किरीति आचार्य सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा केंद्र सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार हमलावर रहते थे। हालाँकि, विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद वह न केवल सोशल मीडिया से गायब हो गए, बल्कि किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भी नजर नहीं आए।

बताया जाता है कि तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक विभाजन के बाद आचार्य पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले पार्टी के 'मूल किंतु अल्पसंख्यक' गुट से जुड़े हुए थे। सत्ता परिवर्तन के बाद उनकी सार्वजनिक गतिविधियाँ लगभग पूरी तरह समाप्त हो गई थीं।

पुरुलिया में तृणमूल नेताओं पर कसता शिकंजा

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पुरुलिया जिले में तृणमूल नेताओं के खिलाफ जाँच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने महिलाओं के लिए संचालित अन्नपूर्णा योजना से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में पुरुलिया जिला परिषद के उपाध्यक्ष सुजॉय बनर्जी को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में उनके भतीजे और पुंचा पंचायत समिति के उपाध्यक्ष कृपासिंधु बनर्जी को भी हिरासत में लिया गया था।

किरीति आचार्य की गिरफ्तारी के साथ ही पुरुलिया में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच के दायरे में आने वाले तृणमूल नेताओं की संख्या में और इजाफा हो गया है।

आगे क्या होगा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आचार्य को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए हिरासत माँगी जाएगी। जाँच के दायरे में अन्य आरोपियों और संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है। पुरुलिया में एक के बाद एक हो रही गिरफ्तारियाँ संकेत देती हैं कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन पूर्व सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर शिकंजा कसने में सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा — यह तभी स्पष्ट होगा जब अदालत में ठोस साक्ष्य सामने आएँ। अन्नपूर्णा जैसी कल्याण योजनाओं में धोखाधड़ी के आरोप गंभीर हैं, क्योंकि इनका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। मीडिया और नागरिक समाज को चाहिए कि वे जाँच की प्रक्रिया पर नज़र रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कानून का इस्तेमाल चुनिंदा तरीके से न हो।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरीति आचार्य कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
किरीति आचार्य तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के पुरुलिया जिला अध्यक्ष हैं। पुरुलिया शहर के स्थानीय निवासियों की कथित वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शनिवार रात उन्हें गिरफ्तार किया।
पुरुलिया में अन्नपूर्णा योजना धोखाधड़ी मामला क्या है?
अन्नपूर्णा योजना महिलाओं के लिए चलाई जाने वाली एक सरकारी कल्याण योजना है। पुरुलिया जिला परिषद के उपाध्यक्ष सुजॉय बनर्जी और उनके भतीजे कृपासिंधु बनर्जी को इसी योजना से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
क्या किरीति आचार्य का मामला अन्नपूर्णा योजना से जुड़ा है?
पुलिस के अनुसार, आचार्य की गिरफ्तारी स्थानीय निवासियों द्वारा दर्ज कराई गई वित्तीय धोखाधड़ी की अलग शिकायतों पर आधारित है। हालाँकि, यह मामला उसी व्यापक जाँच के दायरे में आता है जिसमें पुरुलिया के अन्य तृणमूल नेता भी शामिल हैं।
आचार्य की गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
पुलिस उन्हें स्थानीय अदालत में पेश करेगी और आगे की पूछताछ के लिए न्यायिक हिरासत माँग सकती है। जाँच में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल नेताओं पर कार्रवाई क्यों बढ़ी है?
विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद नई सरकार के अधीन पुलिस और प्रशासन ने पूर्व सत्तारूढ़ दल के नेताओं के खिलाफ लंबित शिकायतों पर कार्रवाई तेज की है। पुरुलिया इस बदलाव का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 17 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले