बांकुड़ा में टीएमसी नेता राजीब घोषाल गिरफ्तार, नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता राजीब घोषाल को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगने के कथित आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बांकुड़ा जिला पुलिस ने 30 अगस्त को इस गिरफ्तारी की पुष्टि की। घोषाल को शनिवार देर रात कोलकाता से हिरासत में लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले की शुरुआत इस वर्ष विधानसभा चुनाव परिणामों के कुछ दिनों बाद हुई, जब बेलियातोड़ थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में स्थानीय TMC नेता पल्लब पांडे पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक बड़े ब्लॉक स्वास्थ्य केंद्र में नौकरी दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता से ₹4.20 लाख लिए, लेकिन न तो नौकरी दी और न ही रकम वापस की।
पुलिस ने पहले पल्लब पांडे को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान राजीब घोषाल का नाम सामने आने के बाद बांकुड़ा जिला पुलिस की एक टीम ने कोलकाता में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। रविवार को घोषाल को बांकुड़ा जिला अदालत में पेश किया गया।
राजीब घोषाल कौन हैं
जिले की राजनीतिक गलियारों में राजीब घोषाल को TMC के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। बताया जाता है कि पार्टी की छात्र राजनीति के दौर से ही दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं। घोषाल बेलियातोड़ इलाके में एक प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते थे और तृणमूल कांग्रेस की युवा इकाई के गठन के समय बांकुड़ा जिले के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वीजी सतीश ने कहा, 'नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायत मिली थी। जाँच के दौरान राजीब घोषाल का नाम सामने आया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। मामले की जाँच जारी है।'
भाजपा की प्रतिक्रिया
अदालत ले जाते समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घोषाल के खिलाफ 'चोर-चोर' के नारे लगाए। इससे पहले BJP ने बेलियातोड़ थाने के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
BJP नेता रामप्रसाद लाई ने कहा, 'राजीब घोषाल ने इलाके के कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए हैं। आज उस नौकरी चोर को गिरफ्तार किया गया है। हमने उसे 'एग थेरेपी' देने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों के अनुरोध पर हमने अंडे नहीं फेंके। हमने सिर्फ उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।'
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों की एक लंबी शृंखला चली आ रही है। गौरतलब है कि यह बांकुड़ा जिले में इस प्रकार की कथित ठगी का पहला मामला नहीं है। पुलिस के अनुसार जाँच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।