TMC सांसद कल्याण बनर्जी के खाते से ₹56 लाख की साइबर चोरी, आरोपी असम से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस के साइबर अपराध विभाग ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी के बैंक खाते से ₹56 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में मोकुलेशर रजा को असम के रंगपानी इलाके से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी घटना के लगभग एक साल बाद हुई, जो नवंबर 2025 में हुई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 27 जून 2026, शनिवार को यह जानकारी दी।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोकुलेशर रजा ने वकील का वेश धारण कर एक सरकारी बैंक की कलकत्ता उच्च न्यायालय शाखा में प्रवेश किया। उसने सबसे पहले सांसद बनर्जी के खाते से जुड़ा रजिस्ट्रार नंबर बदला, इसके बाद खाते पर पूरा नियंत्रण हासिल कर ₹56 लाख निकाल लिए।
पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम से भारी मात्रा में सोना खरीदा गया। अधिकारी सोने की बरामदगी के प्रयास कर रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी को शनिवार को शहर की अदालत में पेश किया गया।
बैंक ने पैसा लौटाया, पर जाँच जारी रही
उल्लेखनीय है कि संबंधित सरकारी बैंक ने घटना के करीब एक साल पहले ही सांसद बनर्जी को रकम वापस कर दी थी। उस समय बनर्जी ने कहा था कि बैंक ने पैसा उनके खाते में जमा कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि शायद सांसद होने के कारण उन्हें पैसे वापस मिले — और उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यही घटना किसी आम नागरिक के साथ होती, तो क्या उसे भी यही न्याय मिलता।
सांसद की शिकायत और राजनीतिक आयाम
बनर्जी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने जाँच शुरू की थी, जो करीब एक साल बाद इस गिरफ्तारी पर आकर पूरी हुई। गिरफ्तारी के बाद सांसद बनर्जी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आम जनता पर असर
यह मामला बैंकिंग प्रणाली में साइबर सुरक्षा की कमज़ोरियों को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बैंक खातों से साइबर धोखाधड़ी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि एक निर्वाचित सांसद तक के खाते को निशाना बनाया गया, जो बैंकिंग प्रक्रियाओं में पहचान सत्यापन की खामियों की ओर इशारा करता है।
क्या होगा आगे
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर सोने की बरामदगी और संभावित अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। अदालत में पेशी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।