13 जुलाई 2026
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कोलकाता के टंगरा में TMC दफ्तर से आधार कार्ड बरामद, पुलिस जांच शुरू

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कोलकाता के टंगरा में TMC दफ्तर से आधार कार्ड बरामद, पुलिस जांच शुरू

सारांश

कोलकाता के टंगरा में TMC के एक बंद दफ्तर से आधार कार्ड मिलने से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। 4 मई से बंद इस दफ्तर में ताला तोड़कर प्रवेश करने पर अलमारी में दस्तावेज़ मिले। पुलिस जांच शुरू, TMC चुप।

मुख्य बातें

कोलकाता के टंगरा इलाके में 28 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बंद दफ्तर से अलमारी में कई आधार कार्ड बरामद हुए।
दफ्तर 4 मई को विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद से बंद था; स्थानीय लोगों ने ताला तोड़कर प्रवेश किया।
यह दफ्तर बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र में है और पहले जीवन कुमार साहा इसका उपयोग करते थे।
कुछ निवासियों का दावा है कि उन्हें उनके आधार कार्ड कभी नहीं मिले , जबकि कुछ के पास पहले से असली कार्ड हैं।
कथित तौर पर दस्तावेज़ों के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस जांच शुरू; TMC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

कोलकाता के टंगरा इलाके में 28 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक बंद पड़े दफ्तर से कई आधार कार्ड बरामद हुए, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ईस्ट कुलिया रोड स्थित यह दफ्तर 4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से बंद था, और स्थानीय लोगों ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो एक अलमारी में ये दस्तावेज़ मिले।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय लोगों के अनुसार, दफ्तर के भीतर एक अलमारी में बड़ी संख्या में आधार कार्ड रखे हुए थे। यह खबर फैलते ही दफ्तर के बाहर भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने बताया कि उनके पास पहले से अपने असली आधार कार्ड मौजूद हैं, जबकि अन्य का कहना था कि पूरी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उन्हें अपने कार्ड कभी नहीं मिले।

एक स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी का आधार कार्ड जारी तो हुआ, लेकिन उसे कभी सौंपा नहीं गया — जिससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि कार्डों की डिलीवरी जानबूझकर रोकी गई। हालाँकि, इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह दफ्तर बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पहले इस दफ्तर का उपयोग तृणमूल नेता जीवन कुमार साहा करते थे। चुनाव परिणामों के बाद से यहाँ पार्टी की गतिविधियाँ लगभग बंद हो गई थीं और बहुत कम सदस्य ही यहाँ आते-जाते थे।

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक माहौल पहले से ही तनावपूर्ण है। किसी राजनीतिक दल के दफ्तर में इतनी बड़ी संख्या में सरकारी पहचान-पत्र मिलना स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करता है।

आरोप और संदेह

कुछ लोगों ने दावा किया कि इन दस्तावेज़ों का उपयोग कथित तौर पर नकली मतदाता पहचान-पत्र बनाने के लिए किया जाना था, हालाँकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने इन दावों को न तो स्वीकार किया है और न ही खारिज किया है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और दस्तावेज़ अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

TMC का रुख

तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पार्टी की चुप्पी ने विपक्ष को सवाल उठाने का मौका दिया है। जांच के नतीजे आने पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह प्रकरण महज़ एक और अनसुलझा विवाद बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के TMC दफ्तर से आधार कार्ड कैसे मिले?
28 मई 2026 को टंगरा के ईस्ट कुलिया रोड स्थित TMC दफ्तर में स्थानीय लोगों ने ताला तोड़कर प्रवेश किया और अंदर एक अलमारी में कई आधार कार्ड मिले। यह दफ्तर 4 मई को विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद से बंद पड़ा था।
इन आधार कार्डों के मिलने से क्या संदेह उत्पन्न हुआ है?
कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उनके परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड जारी होने के बावजूद उन्हें कभी सौंपे नहीं गए। कुछ लोगों ने कथित तौर पर यह भी आरोप लगाया कि इन दस्तावेज़ों का दुरुपयोग हो सकता है, हालाँकि इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू कर दी। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है और जांच जारी है।
यह TMC दफ्तर किस विधानसभा क्षेत्र में आता है और इसका उपयोग कौन करता था?
यह दफ्तर बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पहले इसका उपयोग तृणमूल नेता जीवन कुमार साहा करते थे, लेकिन चुनाव के बाद से यहाँ गतिविधियाँ लगभग बंद हो गई थीं।
TMC ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
28 मई तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पार्टी की चुप्पी ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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