बारुईपुर में तीन बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार, TMC पंचायत सदस्य पर आधार घोटाले का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर पुलिस थाना क्षेत्र से तीन बांग्लादेशी नागरिकों को 27 मई 2026 को भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और निवास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी ने तब राजनीतिक रंग ले लिया जब हिरासत में ली गई एक महिला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय पंचायत सदस्य पर आधार कार्ड बनवाने के नाम पर ₹5,000 ठगने का गंभीर आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
एक गुप्त सूचना के आधार पर मल्लिकपुर चौकी के पुलिसकर्मियों ने इलाके में छापा मारा, जिसमें एक बांग्लादेशी दंपति को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान शफीकुल इस्लाम मोल्लाह और उनकी पत्नी मोनिरा बेगम के रूप में हुई है। जांच के अनुसार, दोनों का मूल निवास बांग्लादेश के जेस्सोर जिले के मनीरामपुर पुलिस थाना क्षेत्र के नेंगुर बाजार डाकघर के अंतर्गत चालुहाटी गांव में है।
जांचकर्ताओं का दावा है कि यह दंपति दलालों के एक संगठित गिरोह की मदद से अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार करके मल्लिकपुर इलाके में बस गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वे कितने समय से इस क्षेत्र में रह रहे थे, कहाँ काम करते थे और स्थानीय स्तर पर उनके संपर्क कौन थे।
TMC पंचायत सदस्य पर गंभीर आरोप
इस मामले को नया मोड़ देते हुए मोनिरा बेगम ने पुलिस हिरासत में दावा किया कि उन्होंने भारतीय पहचान पत्र बनवाने के उद्देश्य से एक स्थानीय जनप्रतिनिधि से संपर्क किया था। उनका आरोप है कि बारुईपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के मल्लिकपुर ग्राम पंचायत के TMC सदस्य शाहजहां सरदार ने आधार कार्ड बनवाने का आश्वासन देकर उनसे ₹5,000 लिए, लेकिन बाद में कोई काम नहीं किया।
मोनिरा बेगम के अनुसार, कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक सिद्ध नहीं हुए हैं और पुलिस इनकी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। शाहजहां सरदार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दलाल नेटवर्क की जांच
पुलिस तीनों गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है ताकि सीमा पार कराने वाले दलाल नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाया जा सके। जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह नेटवर्क अवैध प्रवासियों को स्थानीय स्तर पर बसाने और उन्हें भारतीय पहचान पत्र दिलाने में भी सहायता करता है। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल में अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज निर्माण के मामले लगातार सुर्खियों में हैं।
आम जनता पर असर
दक्षिण 24 परगना जिला भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट होने के कारण अवैध प्रवास के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। स्थानीय प्रशासन पर यह दबाव है कि वह न केवल घुसपैठ रोके, बल्कि यह भी सुनिश्चित करे कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए न हो। यदि TMC पंचायत सदस्य पर लगे आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह मामला स्थानीय निकायों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
क्या होगा आगे
पुलिस तीनों गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगी। साथ ही, शाहजहां सरदार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अलग से जांच की जाएगी। दलाल नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।