बिधाननगर: टीएमसी कार्यालय से 60-70 आधार कार्ड बरामद, सॉल्ट लेक में तनाव; ननूर में BLO गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बिधाननगर स्थित सॉल्ट लेक के वार्ड नंबर-36 में रविवार, 17 मई 2026 को उस समय हड़कंप मच गया, जब बसंती देवी कॉलोनी में स्थित एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय से कम से कम 60 से 70 आधार कार्ड बरामद किए गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में तनाव फैल गया और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ लोग पार्टी कार्यालय पहुँचे जहाँ उन्हें परिसर के अंदर आधार कार्ड व्यवस्थित तरीके से रखे मिले। इसकी खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय थाने की पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर मामले की जाँच शुरू की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाँच का मुख्य बिंदु यह है कि इतनी बड़ी संख्या में आधार कार्ड TMC कार्यालय तक कैसे पहुँचे और उन्हें संबंधित नागरिकों को वापस क्यों नहीं किया गया। सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि स्थानीय तृणमूल नेतृत्व के सदस्यों से पूछताछ की जा सकती है।
स्थानीय लोगों के आरोप
निवासियों ने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से आधार कार्ड जमा कराए गए, लेकिन बाद में उन्हें वापस नहीं किया गया। यह भी कथित तौर पर आरोप है कि हाल ही में संपन्न चुनाव में कुछ मतदाताओं को वोट डालने से रोकने के लिए उनके पहचान दस्तावेज़ जानबूझकर रोके गए — हालाँकि इस आरोप की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ननूर में BLO गिरफ्तार
गौरतलब है कि इसी प्रकार की घटना ननूर में भी सामने आई। वहाँ एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के घर के पास स्थित मैदान से भी बड़ी संख्या में आधार कार्ड बरामद किए गए। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर कार्ड जब्त किए और प्रारंभिक जाँच के बाद संबंधित BLO को गिरफ्तार कर लिया। यह दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ ऐसी घटनाओं का सामने आना जाँच एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
बिधाननगर पुलिस ने वार्ड नंबर-36 में भारी बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा। अधिकारियों ने बताया कि आधार कार्ड जब्त कर लिए गए हैं और विस्तृत जाँच जारी है। पुलिस यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही है कि दस्तावेज़ किन-किन नागरिकों के हैं और उन्हें कब व किस आधार पर एकत्र किया गया था।
आगे क्या होगा
जाँच के दायरे में TMC कार्यालय के साथ-साथ ननूर के BLO का पूरा नेटवर्क आ सकता है। आलोचकों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला मतदाता पहचान दस्तावेज़ों के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण होगा। सभी बरामद आधार कार्ड संबंधित नागरिकों को लौटाने की प्रक्रिया पर भी पुलिस विचार कर रही है।