क्या टीएमसी विधायक साहा छह दिनों की ईडी हिरासत में हैं?

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क्या टीएमसी विधायक साहा छह दिनों की ईडी हिरासत में हैं?

सारांश

टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा की धन शोधन अधिनियम के तहत गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल में शिक्षा प्रणाली में खड़ी हुई गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया है। क्या यह मामला और अधिक गहराई में जाएगा?

Key Takeaways

  • जीवन कृष्ण साहा की गिरफ्तारी ने शिक्षा में भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर किया।
  • ईडी ने अब तक 238 करोड़ रुपए की पीओसी ज़ब्त की है।
  • जांच में कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए हैं।
  • राज्य में सहायक शिक्षकों की नियुक्तियों में अनियमितताएँ पाई गई हैं।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

कोलकाता, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुर्शिदाबाद के बुरवान निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा को धन शोधन अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत कार्रवाई की है।

यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के स्कूलों में सहायक शिक्षकों (कक्षा 9 से 12) की अवैध नियुक्तियों के मामले में की गई है, जो पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (एसएससी) के अधिकारियों के साथ आपराधिक साजिश के तहत की गई थी। जीवन कृष्ण साहा को विशेष न्यायालय, कोलकाता के समक्ष पेश किया गया, जिसने मामले की आगे की जांच के लिए 6 दिनों की ईडी हिरासत प्रदान की है।

ईडी ने सीबीआई एसीबी कोलकाता द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई को पश्चिम बंगाल केंद्रीय एसएससी द्वारा सहायक शिक्षकों की भर्ती में की गई अवैधताओं और अनियमितताओं के मामले में जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।

ईडी की जांच से पता चला है कि विधायक जीवन कृष्ण साहा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सहायक शिक्षक के पद पर नौकरी दिलाने के बदले अयोग्य उम्मीदवारों से भारी रकम वसूलने के लिए एक एजेंट के रूप में काम किया। अपराध की आय (पीओसी) उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में जमा की गई।

जांच के दौरान, विभिन्न उम्मीदवारों ने सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति का वादा करके जीवन कृष्ण साहा को सीधे नकद भुगतान करने की पुष्टि की।

इसके अलावा, 25 अगस्त को जीवन कृष्ण साहा के आवास, उनके सहयोगियों और प्रसन्न कुमार रॉय से जुड़े परिसरों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान जीवन कृष्ण साहा ने परिसर से भागने का प्रयास किया और अपने मोबाइल फोन को नाले में फेंककर सबूत नष्ट करने की कोशिश की, जिसे बाद में तलाशी दल ने बरामद कर लिया। तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए। एसएससी (सहायक शिक्षक) भर्ती घोटाले के इस मामले में, पीओसी सैकड़ों करोड़ रुपए में है और ईडी ने अब तक लगभग 238 करोड़ रुपए की पीओसी ज़ब्त की है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि धन शोधन और शिक्षा में अनियमितताएँ एक गंभीर मुद्दा हैं। हमें एक मजबूत प्रतिक्रिया की आवश्यकता है ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके। यह स्थिति न केवल राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए चिंताजनक है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा को किस कारण से गिरफ्तार किया गया?
उन्हें धन शोधन अधिनियम के तहत सहायक शिक्षकों की अवैध नियुक्तियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
ईडी की जांच कब शुरू हुई?
ईडी ने सीबीआई एसीबी कोलकाता द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की।
क्या जांच के दौरान कोई सबूत नष्ट करने की कोशिश की गई थी?
हां, जांच के दौरान विधायक ने अपने मोबाइल फोन को नाले में फेंककर सबूत नष्ट करने की कोशिश की।
इस मामले में ईडी ने कितनी राशि की ज़ब्ती की है?
ईडी ने अब तक लगभग 238 करोड़ रुपए की पीओसी ज़ब्त की है।
क्या यह मामला शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करेगा?
हां, यह मामला शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर कर सकता है।