शशांक मणि त्रिपाठी ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर किया तीखा प्रहार
सारांश
Key Takeaways
- विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव एक राजनीतिक खेल है।
- एलपीजी संकट के लिए मध्य पूर्व का संघर्ष जिम्मेदार है।
- सदन की कार्यवाही में सभी सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर मिला।
नई दिल्ली, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के भाषण, मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और एलपीजी सिलेंडर संकट पर सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष पर लगाए गए आरोप निराधार थे, जो सदन में गलत साबित हो गए।
विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के संबंध में भाजपा सांसद शशांक मणि ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा में कहा, "यह तो स्पष्ट था कि यह सब एक खेल है, जिसमें वे संवैधानिक पदों पर आपत्ति उठाते हैं, जिन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। विपक्ष के लोग जनता के पास नहीं जाते। यदि वे जनता के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनें और उनके पक्ष में कुछ कहें, तो जनता उनके साथ आएगी। जनता उनके साथ नहीं है, इसलिए पहले ईवीएम और फिर चुनाव आयोग पर आरोप लगाए। यहां भी असफल रहे तो स्पीकर पर आरोप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव लाए, जिसे हमने खारिज कर दिया है।"
एलपीजी सिलेंडर संकट के बारे में सांसद ने कहा, "मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण तेल, कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में थोड़ी बाधा आ रही है, लेकिन हमारे पास अभी भी पर्याप्त भंडार है। प्रधानमंत्री ने इस संकट से घबराने की अपील की है। मुझे लगता है कि यह युद्ध शीघ्र समाप्त होने वाला है। पहले हॉर्मुज जलडमरूमध्य में १५० से अधिक जहाज जाते थे, लेकिन अब केवल ७-८ ही जा रहे हैं। जल्दी ही तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।"
एक दिन पहले भी भाजपा सांसद शशांक मणि ने सदन की कार्यवाही पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि हाल की चर्चा में सभी सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर मिला। लोकतंत्र की असली भावना तभी दिखती है, जब सदन सुचारू रूप से चलता है और सभी पक्ष अपनी राय व्यक्त करते हैं।