10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टीएमसी के 3 बैंक खातों की साइबर जांच: 5 साल के लेन-देन खंगाल रही बिधाननगर पुलिस

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टीएमसी के 3 बैंक खातों की साइबर जांच: 5 साल के लेन-देन खंगाल रही बिधाननगर पुलिस

सारांश

पश्चिम बंगाल में TMC के तीन बैंक खातों पर डेबिट फ्रीज के बाद बिधाननगर साइबर पुलिस ने पाँच साल के लेन-देन की जांच शुरू की है। बागी विधायकों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई, जबकि ममता-अभिषेक समर्थक गुट कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुँच गया — पार्टी का आंतरिक संकट अब कानूनी अखाड़े में आ गया है।

मुख्य बातें

बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने TMC के 3 बैंक खातों में पिछले 5 वर्षों के लेन-देन की जांच शुरू की।
आरोप है कि जबरन वसूली और गैर-कानूनी कमीशन से प्राप्त धन इन खातों में जमा किया गया था।
TMC के बागी विधायकों की शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और खातों पर डेबिट फ्रीज लगाया गया।
पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास ने निजी बैंक को पत्र लिखकर खाते फ्रीज करने का अनुरोध किया था।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी समर्थक गुट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में फ्रीज को चुनौती दी।

उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों की विस्तृत जांच शुरू की है, जिन पर हाल ही में डेबिट फ्रीज लगाया गया था। जांच का दायरा इन खातों में पिछले पाँच वर्षों के दौरान हुए समस्त वित्तीय लेन-देन तक फैला है। यह कार्रवाई TMC के कई बागी विधायकों की शिकायतों के बाद दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है।

जांच का दायरा और फोकस

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन खातों में धन कहाँ से आया और इसे कहाँ भेजा गया। इसके अलावा जांचकर्ता यह भी खंगाल रहे हैं कि ये खाते कब खोले गए, किसके नाम पर पंजीकृत हैं और वर्षों तक इन्हें किन अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं ने संचालित किया।

आरोप है कि जबरन वसूली और गैर-कानूनी कमीशन से प्राप्त धन इन खातों में जमा किया गया था। जांचकर्ता इस दावे की भी पड़ताल कर रहे हैं कि इन अवैध स्रोतों से आई राशि को बाद में अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए निकाला गया।

शिकायत और एफआईआर की पृष्ठभूमि

बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में TMC के कई बागी विधायकों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिनमें आरोप लगाया गया कि जबरन वसूली से इकट्ठा किया गया पैसा इन्हीं तीन बैंक खातों में रखा गया था। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच का पहला चरण शुरू करते हुए बैंक को तीनों खातों पर डेबिट फ्रीज लगाने का निर्देश दिया।

अरूप बिस्वास का पत्र और पार्टी का आंतरिक विवाद

इससे कुछ दिन पहले, TMC के पूर्व कोषाध्यक्ष और ममता बनर्जी सरकार में पूर्व खेल एवं बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने संबंधित निजी बैंक को पत्र लिखकर खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। अपने पत्र में उन्होंने पार्टी के आंतरिक गुटबाजी के कारण पार्टी फंड के नियंत्रण को लेकर उपजे विवाद का हवाला दिया था।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब TMC में अंदरूनी खींचतान सार्वजनिक रूप से उजागर हो रही है। गौरतलब है कि पार्टी फंड पर नियंत्रण का यह विवाद दो धड़ों के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है।

कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका

इस बीच, TMC का वह गुट जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार है, कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुँचा और खातों पर लगाए गए डेबिट फ्रीज को चुनौती दी। याचिका में न्यायालय से यह जानने की माँग की गई है कि किसके आदेश पर और किस आधार पर यह फ्रीज लगाया गया।

आगे क्या होगा

जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पाँच वर्षों के लेन-देन रिकॉर्ड का विश्लेषण जारी है। कलकत्ता उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका पर सुनवाई के नतीजे इस पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि 2026 बंगाल चुनाव से पहले पार्टी की एकजुटता की कहानी कितनी खोखली हो चुकी है। जांच का नतीजा जो भी हो, राजनीतिक नुकसान पहले ही हो चुका है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC के किन बैंक खातों की जांच हो रही है?
तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों की जांच हो रही है, जो एक निजी बैंक में हैं और जिन पर बिधाननगर साइबर पुलिस के निर्देश पर डेबिट फ्रीज लगाया गया है। ये खाते पार्टी फंड से जुड़े बताए जा रहे हैं।
यह जांच क्यों शुरू हुई?
TMC के कई बागी विधायकों ने बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि जबरन वसूली और गैर-कानूनी कमीशन से इकट्ठा किया गया पैसा इन तीन बैंक खातों में जमा किया गया था। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और जांच शुरू हुई।
अरूप बिस्वास का इस मामले में क्या रोल है?
TMC के पूर्व कोषाध्यक्ष और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास ने संबंधित निजी बैंक को पत्र लिखकर खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। उन्होंने पार्टी के आंतरिक गुटबाजी के कारण पार्टी फंड के नियंत्रण पर हुए विवाद का हवाला दिया था।
कलकत्ता हाई कोर्ट में किसने और क्यों याचिका दाखिल की?
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार TMC गुट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की और डेबिट फ्रीज को चुनौती दी। याचिका में न्यायालय से यह स्पष्ट करने की माँग की गई है कि किसके आदेश पर और किस कानूनी आधार पर यह फ्रीज लगाया गया।
जांच में अब तक क्या पता चला है?
जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। अधिकारी पाँच वर्षों के लेन-देन रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रहे हैं — धन के स्रोत, गंतव्य, खाता खुलने की तारीख और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की जानकारी जुटाई जा रही है। अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले