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तृणमूल के ₹440 करोड़ के बैंक खाते फ्रीज, कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर

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तृणमूल के ₹440 करोड़ के बैंक खाते फ्रीज, कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर

सारांश

चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक संकट अब अदालत तक पहुँच गया है। पार्टी के ₹440 करोड़ वाले तीन बैंक खाते पुलिस ने फ्रीज किए — और इसकी वजह बाहरी नहीं, बल्कि पार्टी के अपने पूर्व कोषाध्यक्ष की शिकायत है।

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खाते पुलिस ने फ्रीज किए; खातों में कुल ₹440 करोड़ जमा हैं।
पार्टी ने 22 जून 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हस्तक्षेप की माँग की।
पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने खुद बैंक को खाते फ्रीज करने का अनुरोध किया था, जिससे विवाद शुरू हुआ।
5 जून को संगठनात्मक फेरबदल में सुभाषिश चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
19 जून को लगभग 10 बागी विधायकों ने पुलिस से खाते फ्रीज करने की माँग की थी।
न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की पीठ ने याचिका स्वीकार की; इस सप्ताह के अंत में सुनवाई संभव।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खाते पुलिस द्वारा फ्रीज किए जाने के बाद, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने सोमवार, 22 जून को कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की। पार्टी ने अदालत से हस्तक्षेप की माँग करते हुए यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया कि किस अधिकार के तहत और किन आधारों पर ये खाते सीज किए गए। कथित तौर पर इन तीनों खातों में कुल ₹440 करोड़ जमा हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद पार्टी के भीतर उपजे वित्तीय कलह से शुरू हुआ। राज्य विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने 5 जून को संगठनात्मक फेरबदल की घोषणा की और पूर्व सांसद सुभाषिश चक्रवर्ती को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। इसमें पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास की जगह ली गई।

हालाँकि, अरूप बिस्वास ने एक निजी बैंक को हालिया पत्र लिखकर दावा किया कि वे अभी भी पार्टी के वैध कोषाध्यक्ष हैं। उन्होंने इससे पहले उसी बैंक को पत्र लिखकर कोलकाता की सेंट्रल प्लाजा शाखा में स्थित तृणमूल के तीन खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया था — यह कदम पार्टी के भीतर नेतृत्व विवाद के कारण उठाया गया था।

अरूप बिस्वास का पक्ष

अपने तीन-पृष्ठीय जवाब में अरूप बिस्वास ने पार्टी के आंतरिक वित्तीय लेनदेन पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यद्यपि वे बहीखाता संभालते थे, परंतु सभी वित्तीय लेनदेन उनकी जानकारी के बिना किए गए। इस जवाब के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।

बागी विधायकों की भूमिका

19 जून को तृणमूल के लगभग 10 बागी विधायकों ने बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन पहुँचकर बैंक खातों को तत्काल फ्रीज करने का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस ने जाँच शुरू की और तीनों खाते सीज कर दिए।

तृणमूल के बागी विधायकों के नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने अरूप बिस्वास के पत्र का समर्थन करते हुए कहा, 'कौन जानता है कि उस खाते में अवैध कमीशन का पैसा है या नहीं। मैं अरूप बिस्वास से सहमत हूँ; इसकी जाँच होनी चाहिए।'

अदालत में सुनवाई

तृणमूल के वकीलों ने न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष मामला दायर करने की अनुमति माँगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। औपचारिक सुनवाई इस सप्ताह के अंत तक शुरू होने की संभावना है।

आगे क्या होगा

यह मामला तृणमूल कांग्रेस के लिए एक साथ कानूनी और संगठनात्मक संकट बन गया है। गौरतलब है कि चुनावी हार के बाद पार्टी पहले से ही आंतरिक दबाव में है, और ₹440 करोड़ के खातों पर कानूनी लड़ाई इस संकट को और गहरा कर सकती है। हाई कोर्ट का फैसला तय करेगा कि पुलिस की कार्रवाई वैध थी या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दशकों से एकछत्र नेतृत्व के बल पर चलती रही है। विडंबना यह है कि खाते फ्रीज करवाने की पहल पार्टी के अपने पूर्व कोषाध्यक्ष ने की — बाहरी विरोधियों ने नहीं। चुनावी हार के बाद यह वित्तीय विवाद सार्वजनिक होना दर्शाता है कि आंतरिक अनुशासन की दरारें अब भरना कठिन हो रहा है। हाई कोर्ट का फैसला चाहे जो हो, ₹440 करोड़ के इस विवाद ने पार्टी की साख को वह नुकसान पहुँचाया है जो कोई विपक्षी नहीं पहुँचा सकता था।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तृणमूल कांग्रेस के बैंक खाते क्यों फ्रीज किए गए?
पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने खुद एक निजी बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के तीन खाते फ्रीज करने का अनुरोध किया था, क्योंकि पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर विवाद था। इसके बाद 10 बागी विधायकों की शिकायत पर पुलिस ने जाँच शुरू कर खाते सीज कर दिए।
तृणमूल के फ्रीज खातों में कितनी राशि है?
कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के तीनों फ्रीज खातों में कुल ₹440 करोड़ जमा हैं। ये खाते कोलकाता की एक निजी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा में हैं।
कलकत्ता हाई कोर्ट में तृणमूल की याचिका पर सुनवाई कब होगी?
तृणमूल के वकीलों ने न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष याचिका दायर की है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। औपचारिक सुनवाई इस सप्ताह के अंत तक शुरू होने की संभावना है।
अरूप बिस्वास और सुभाषिश चक्रवर्ती का विवाद क्या है?
राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल ने 5 जून को संगठनात्मक बदलाव करते हुए पूर्व सांसद सुभाषिश चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। हालाँकि अरूप बिस्वास ने बैंक को पत्र लिखकर दावा किया कि वे अभी भी वैध कोषाध्यक्ष हैं, जिससे पार्टी में हंगामा मच गया।
ऋतब्रत बनर्जी ने इस मामले में क्या कहा?
तृणमूल के बागी विधायकों के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने अरूप बिस्वास का समर्थन करते हुए कहा कि खातों में अवैध कमीशन की राशि हो सकती है और इसकी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं अरूप बिस्वास से सहमत हूँ; इसकी जाँच होनी चाहिए।'
राष्ट्र प्रेस
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