3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ममता बनर्जी की सुरक्षा विवाद पर सियासत गरम, हुमायूं कबीर बोले — 'टीएमसी की यह हालत किसी ने नहीं सोची थी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ममता बनर्जी की सुरक्षा विवाद पर सियासत गरम, हुमायूं कबीर बोले — 'टीएमसी की यह हालत किसी ने नहीं सोची थी'

सारांश

ममता बनर्जी के पीएसओ बदलाव और टीएमसी कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास के बैंक खाता फ्रीज पत्र ने कोलकाता की राजनीति में हलचल मचा दी है। एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा — 'टीएमसी की यह हालत किसी ने नहीं सोची थी।' BJP और सीपीआई(एम) ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दर्ज कराईं।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी के व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) में बदलाव को लेकर कोलकाता में राजनीतिक विवाद छिड़ा।
टीएमसी कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने कथित तौर पर एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को पार्टी के बैंक खाते तत्काल फ्रीज करने का पत्र लिखा।
एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा — टीएमसी की यह हालत किसी ने नहीं सोची थी।
BJP विधायक रुद्रनील घोष ने टीएमसी को 'कमजोर' और 'मुद्दों से भागने वाली' पार्टी बताया।
सीपीआई(एम) विधायक मो.
मुस्तफिजुर रहमान ने तटस्थ रुख अपनाते हुए कहा — इस पर कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की व्यक्तिगत सुरक्षा में बदलाव और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास द्वारा पार्टी के बैंक खाते फ्रीज कराने की कथित मांग को लेकर कोलकाता में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। 18 जून को विभिन्न दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दर्ज कराईं।

हुमायूं कबीर का तीखा बयान

आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'ममता बनर्जी की स्थिति ऐसी हो गई है कि वह जो भी करना चाहती हैं, वह हो नहीं पा रहा है। तृणमूल कांग्रेस की ऐसी स्थिति हो जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। ममता बनर्जी की सुरक्षा के मामले में अब देखना होगा कि आगे क्या होता है।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब टीएमसी के भीतर और बाहर दोनों तरफ से दबाव बढ़ता दिख रहा है।

बैंक खाता फ्रीज विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि टीएमसी के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास की ओर से एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को पत्र लिखकर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को तत्काल फ्रीज करने की मांग किए जाने की बात सामने आई है। इस पत्र ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और विपक्षी दलों को निशाना साधने का अवसर दे दिया है।

भाजपा विधायकों की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक सजल घोष ने ममता की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव पर कहा, 'किसी को क्या समस्या है? केवल पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) को बदला गया है। पुराने पीएसओ में ऐसी क्या बात थी कि उसके बदले जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं?' अरूप बिस्वास के पत्र पर उन्होंने कहा, 'जब बैंक खाते में हजारों करोड़ रुपये हों तो विवाद होना स्वाभाविक है।'

BJP विधायक रुद्रनील घोष ने और आगे जाते हुए कहा, 'हर मुद्दे से भागने की उनकी प्रवृत्ति यह साबित करती है कि उनकी पार्टी कमजोर हो चुकी है। बंगाल की जनता ने टीएमसी से छुटकारा पाने के लिए मतदान किया। टीएमसी के लोगों ने गलत काम किए हैं, इसलिए वे भाग रहे हैं। देश के कानून से कौन भागता है?'

सीपीआई(एम) का संयमित रुख

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के विधायक मो. मुस्तफिजुर रहमान ने इस मामले पर अपेक्षाकृत तटस्थ रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'इन लोगों को जो उचित लगा, उन्होंने वही किया। यदि उन्हें लगा कि खाते को फ्रीज करना जरूरी है तो उन्होंने ऐसा किया होगा। इस पर हमारी कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में यदि उनके दल के मुद्दे शामिल नहीं हुए तो वे उन्हें सदन में उठाएंगे।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल पहले से तनावपूर्ण है। सुरक्षा बदलाव और बैंक खाता फ्रीज की मांग — दोनों मुद्दों पर टीएमसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि इन घटनाक्रमों से पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े होते हैं, जिनका जवाब आने वाले दिनों में देना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इसे सनसनी की तरह पेश कर रही है। असली सवाल यह है कि क्या ये घटनाएं वास्तव में टीएमसी के संगठनात्मक संकट की ओर इशारा करती हैं, या विपक्ष द्वारा तूल दिए जा रहे अलग-थलग प्रकरण हैं — इसका जवाब आने वाले विधानसभा सत्र में मिलेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी की सुरक्षा विवाद क्या है?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) को बदले जाने को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। BJP विधायक सजल घोष ने कहा कि केवल पीएसओ बदला गया है और इस पर सवाल उठाना अनुचित है।
अरूप बिस्वास के पत्र का मामला क्या है?
टीएमसी के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने कथित तौर पर एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक खातों को तत्काल फ्रीज करने की मांग की। इस पत्र ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है, हालांकि इसकी पृष्ठभूमि अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
हुमायूं कबीर ने टीएमसी पर क्या कहा?
एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि ममता बनर्जी जो चाहती हैं वह हो नहीं पा रहा और टीएमसी की यह हालत किसी ने नहीं सोची थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मामले में आगे क्या होगा, यह देखना होगा।
सीपीआई(एम) ने इस मामले पर क्या रुख अपनाया?
सीपीआई(एम) विधायक मो. मुस्तफिजुर रहमान ने तटस्थ रुख अपनाते हुए कहा कि जिन्हें जो उचित लगा उन्होंने किया, और इस पर उनकी कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं है। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण में अपने मुद्दे न होने पर उन्हें सदन में उठाने की बात कही।
इस विवाद का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव पहले से बना हुआ है। BJP और एजेयूपी दोनों इसे टीएमसी की कमजोरी के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले