TMC से जुड़े ट्रेड यूनियन नेता शेख वसूल गिरफ्तार, मतदाताओं को धमकाकर TMC को वोट दिलाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े एक ट्रेड यूनियन नेता शेख वसूल को 22 मई की देर रात कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि वह चुनावों के दौरान मतदाताओं को धमकाकर और नौकरी का प्रलोभन देकर TMC के पक्ष में वोट डालने के लिए बाध्य करता था। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है।
कौन है आरोपी
आरोपी शेख वसूल पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर-फरीदपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले रंगामती क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के अनुसार, वह मुख्य रूप से TMC के लेबर यूनियन के लिए काम करता था। कथित तौर पर श्रमिकों के हित में आवाज़ उठाने का दावा भी वह करता रहा है।
मुख्य आरोप और कार्यप्रणाली
पुलिस का कहना है कि शेख वसूल ने चुनाव निकट आते ही एक सुनियोजित खाके के तहत काम करना शुरू कर दिया था। वह मतदाताओं से सीधे संपर्क साधता था और उन्हें चेताता था कि उन्हें हर हाल में TMC के पक्ष में मतदान करना होगा। जो लोग यह मानने से इनकार करते, उन्हें डराया-धमकाया जाता था। इसके अलावा, नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर भी मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।
गौरतलब है कि आरोपी पर इससे पहले भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप लगते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और मतदाता दबाव की घटनाएँ राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, कई पीड़ित मतदाताओं ने शेख वसूल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों की जाँच के बाद पुलिस ने 22 मई की देर रात उसे गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उसे शुक्रवार को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
आगे क्या होगा
न्यायालय में पेशी के बाद यह तय होगा कि आरोपी को पुलिस हिरासत में रखा जाएगा या न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। पुलिस मामले की आगे की जाँच कर रही है और यह देखा जाएगा कि क्या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे। विपक्षी दलों ने इस गिरफ्तारी को पश्चिम बंगाल में चुनावी धाँधली के बड़े पैटर्न का हिस्सा बताते हुए व्यापक जाँच की माँग की है।