कोलकाता: TMC पार्षद सचिन सिंह रंगदारी और भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार, सियालदह कोर्ट में पेशी
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने मंगलवार दोपहर कोलकाता नगर निगम (KMC) के तृणमूल कांग्रेस पार्षद सचिन सिंह को रंगदारी वसूली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नारकेलडांगा थाने की टीम ने यह कार्रवाई कई महीनों की जाँच के बाद की, और गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें सियालदह अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है।
गिरफ्तारी के समय आवास के बाहर का दृश्य
लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) के सूत्रों के मुताबिक, जब पुलिस टीम सचिन सिंह को हिरासत में लेने पहुँची, तो इलाके के कुछ निवासी उनके घर के बाहर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पार्षद कथित तौर पर अपने विरोधियों को धमकाने और मारपीट जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। पुलिस के अनुसार, सिंह पर दर्ज मामलों में रंगदारी वसूली सबसे प्रमुख है।
2021 की चुनावी हिंसा से भी जुड़ा नाम
पुलिस के अनुसार, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई कथित चुनावी हिंसा के मामलों में भी सचिन सिंह का नाम सामने आया था। उसी वर्ष उन्होंने पहली बार तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर कोलकाता नगर निगम का चुनाव जीता था। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में आई है जब राज्य में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध आपराधिक मामलों की जाँच लगातार सुर्खियों में है।
एक महीने में कई TMC पार्षदों पर कार्रवाई
गौरतलब है कि 23 मई को ठाकुरपुकुर पुलिस ने KMC के वार्ड संख्या 123 के तृणमूल पार्षद और बरो संख्या 16 के चेयरमैन सुदीप पोल्ले को भी रंगदारी वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इसी दिन पश्चिम बर्दवान ज़िले के आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 87 के तृणमूल पार्षद तरुण चक्रवर्ती को सरकारी राहत सामग्री अपने घर में रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का दावा है कि गरीबों के बीच वितरित होने वाले सरकारी राहत पैकेजों का बड़ा हिस्सा चक्रवर्ती के घर से बरामद किया गया, जिसे मंगलवार को जब्त कर लिया गया। जाँच एजेंसियों के अनुसार, उन पर अवैध बालू कारोबार, रंगदारी वसूली और आवास योजनाओं के नाम पर गरीबों से धन उगाही जैसे गंभीर आरोप भी हैं।
राज्य सरकार की कार्रवाई और आगे की दिशा
पुलिस का कहना है कि राज्य में BJP सरकार के गठन के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की कथित अवैध और आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध अभियान तेज़ किया गया है। पिछले एक महीने में राज्य के विभिन्न हिस्सों में भ्रष्टाचार, सरकारी सामग्री के दुरुपयोग और रंगदारी वसूली के आरोपों में कई तृणमूल पार्षदों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आलोचकों का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है, जबकि सरकार इसे कानून-व्यवस्था की बहाली का हिस्सा बताती है। अब निगाहें सियालदह अदालत में सिंह की रिमांड सुनवाई पर टिकी हैं।