29 जून 2026
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कोलकाता: पूर्व TMC पार्षद शम्स इकबाल ₹70 लाख रंगदारी मामले में गिरफ्तार, KMC का 13वाँ केस

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कोलकाता: पूर्व TMC पार्षद शम्स इकबाल ₹70 लाख रंगदारी मामले में गिरफ्तार, KMC का 13वाँ केस

सारांश

कोलकाता में पूर्व TMC पार्षद शम्स इकबाल की गिरफ्तारी महज एक और केस नहीं — यह KMC में सत्ता परिवर्तन के बाद 13वीं गिरफ्तारी है। ₹70 लाख की रंगदारी, बंदूक की धमकी और पूर्व मेयर के करीबी का नाम — यह मामला कोलकाता की नागरिक राजनीति में गहरे बैठे दबदबे की तस्वीर उजागर करता है।

मुख्य बातें

पूर्व TMC पार्षद शम्स इकबाल को 29 जून 2026 को ₹70 लाख जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
शिकायतकर्ता मोहम्मद शादाब के अनुसार वसूली जून 2023 से जारी थी और बंदूक के बल पर भी रकम माँगी गई।
इकबाल पर BNS की जबरन वसूली व आपराधिक धमकी की धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज।
साथी आरोपी मोहम्मद फराज और फिरोज कुरैशी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज।
सरकार बदलने के बाद से KMC के 13 पूर्व TMC पार्षद अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं।
हकीम के इस्तीफे के बाद KMC फिलहाल प्रशासक के अधीन है।

कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड नंबर 134 के पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद शम्स इकबाल को रविवार देर रात एक स्थानीय व्यवसायी से ₹70 लाख की जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार, 29 जून को यह जानकारी दी। इस गिरफ्तारी के साथ राज्य में सरकार बदलने के बाद से KMC के 13 पूर्व TMC पार्षद जबरन वसूली और इससे जुड़े आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

गार्डन रीच इलाके के TMC नेता इकबाल को कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम का करीबी सहयोगी बताया जाता है। शिकायतकर्ता मोहम्मद शादाब ने गार्डन रीच पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया कि इकबाल और उसके साथियों ने जून 2023 से उनसे जबरन वसूली शुरू की। शादाब के अनुसार, उन्हें यह कहकर डराया गया कि इलाके में कारोबार जारी रखना है तो भुगतान अनिवार्य है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया कि वसूली बार-बार हुई और कथित तौर पर बंदूक के बल पर भी रकम माँगी गई। शादाब का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके डर से उन्होंने पहले पुलिस से संपर्क नहीं किया।

एफआईआर और आरोप

शिकायत के आधार पर इकबाल के साथ उसके दो कथित साथियों — मोहम्मद फराज और फिरोज कुरैशी — के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इकबाल पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के आरोप हैं। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी इलाके में काफी प्रभावशाली थे।

अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाई

इकबाल को सोमवार को शहर की अदालत में पेश किया जाना था। पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उसकी हिरासत की माँग कर सकती है। अधिकारियों ने बताया कि अब और शिकायतकर्ता सामने आ रहे हैं, जो कहते हैं कि वे पहले भय के कारण चुप रहे।

KMC और राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इकबाल ने अतीत में कई सार्वजनिक सभाओं में पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के साथ मंच साझा किया था। हकीम के इस्तीफे के बाद KMC सिविक बोर्ड को फिलहाल एक प्रशासक चला रहा है और नए चुनाव होने तक यही व्यवस्था जारी रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व TMC पार्षदों के खिलाफ कार्रवाइयों की एक लंबी शृंखला सामने आई है — और 13वीं गिरफ्तारी इस प्रवृत्ति को और स्पष्ट करती है।

आगे क्या होगा

जाँच एजेंसियाँ अन्य संभावित शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज कर रही हैं। फराज और कुरैशी की गिरफ्तारी की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की सुनवाई आगे बढ़ने के साथ KMC में जवाबदेही को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ वार्ड-स्तरीय ताकत को आर्थिक नियंत्रण के औज़ार की तरह इस्तेमाल किया जाता था। सवाल यह है कि इतने शिकायतकर्ता 'डर के कारण चुप' क्यों रहे — और क्या पुलिस तंत्र ने तब भी यही 'डर' महसूस किया था? सत्ता बदलने के बाद ही शिकायतें सामने आना न्यायिक स्वतंत्रता के बारे में असुविधाजनक सवाल खड़े करता है। फिरहाद हकीम के साथ इकबाल के सार्वजनिक मंच-साझेदारी के संदर्भ को देखते हुए, यह जाँच का दायरा और ऊपर तक जाने की क्षमता रखती है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शम्स इकबाल को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
शम्स इकबाल को एक स्थानीय व्यवसायी से ₹70 लाख की जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन पर BNS की जबरन वसूली व आपराधिक धमकी की धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है।
शिकायतकर्ता मोहम्मद शादाब ने क्या आरोप लगाए हैं?
शादाब ने आरोप लगाया कि जून 2023 से इकबाल और उसके साथियों ने उनसे बार-बार रकम वसूली, जिसमें बंदूक की नोक पर भी माँग शामिल थी। उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके डर से वे पहले पुलिस के पास नहीं गए।
KMC में अब तक कितने पूर्व TMC पार्षद गिरफ्तार हो चुके हैं?
राज्य में सरकार बदलने के बाद से KMC के 13 पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद जबरन वसूली और इससे जुड़े आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं। शम्स इकबाल की गिरफ्तारी इस शृंखला की 13वीं कड़ी है।
फिरहाद हकीम का इस मामले से क्या संबंध है?
शम्स इकबाल को कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम का करीबी सहयोगी बताया जाता है और उन्होंने अतीत में हकीम के साथ कई सार्वजनिक मंच साझा किए थे। हालाँकि, मौजूदा एफआईआर में हकीम का नाम आरोपी के रूप में नहीं है।
KMC को अभी कौन चला रहा है?
फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद KMC सिविक बोर्ड को फिलहाल एक प्रशासक चला रहा है। नए चुनाव होने तक यही प्रशासनिक व्यवस्था जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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