केएमसी के पूर्व तृणमूल पार्षद सुशांत घोष पुरी से गिरफ्तार, ₹3 करोड़ वसूली का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के वार्ड नंबर 108 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद सुशांत घोष को 17 जून 2026 को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया गया। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की, जिनमें घोष पर ₹3 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप लगाया गया था। यह गिरफ्तारी पिछले एक महीने में TMC के 11वें पार्षद की गिरफ्तारी है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आनंदपुर थाने में हॉकर्स समिति के कई सदस्यों ने सुशांत घोष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि घोष ने वार्ड नंबर 108 में ₹3 करोड़ की वसूली की। जैसे ही शिकायत दर्ज हुई, घोष ने अपनी कार छोड़कर ओडिशा की ओर भागने की कोशिश की।
पुलिस ने घटनास्थल से उनके चालक सुजीत चौधरी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन घोष फरार होने में सफल रहे। इसके बाद STF ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया और अंततः उन्हें पुरी, ओडिशा से पकड़ा।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ
सुशांत घोष कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (KMC) के बरो कमेटी नंबर 12 के चेयरमैन भी रह चुके हैं। बीते महीने उन्होंने चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था, हालाँकि पार्षद पद से इस्तीफा नहीं दिया था। गौरतलब है कि फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद KMC से जुड़े म्युनिसिपल बोर्ड को भंग कर दिया गया था।
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले एक महीने में TMC के कुल 11 पार्षद विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं, जो कोलकाता नगर निकाय में व्यापक भ्रष्टाचार की जाँच का संकेत देता है।
संपत्ति का खुलासा
जाँचकर्ताओं के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में सुशांत घोष के नाम पर कई संपत्तियाँ सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कुछ संपत्तियाँ कथित तौर पर गुमनाम नामों से भी दर्ज हैं। जाँचकर्ताओं का अनुमान है कि इन संपत्तियों की कुल कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है।
आगे क्या होगा
फिलहाल सुशांत घोष को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जा रहा है, जहाँ पुलिस उनसे इस मामले में विस्तार से पूछताछ करेगी। जाँच का दायरा उनकी संपत्तियों के स्रोत और वसूली के नेटवर्क तक विस्तारित होने की संभावना है।