3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केएमसी के पूर्व तृणमूल पार्षद सुशांत घोष पुरी से गिरफ्तार, ₹3 करोड़ वसूली का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केएमसी के पूर्व तृणमूल पार्षद सुशांत घोष पुरी से गिरफ्तार, ₹3 करोड़ वसूली का आरोप

सारांश

कोलकाता के वार्ड नंबर 108 के पूर्व TMC पार्षद सुशांत घोष को STF ने पुरी से दबोचा — ₹3 करोड़ वसूली के आरोप में। एक महीने में यह 11वीं TMC गिरफ्तारी है, जो KMC में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर इशारा करती है।

मुख्य बातें

STF ने TMC के पूर्व पार्षद सुशांत घोष को 17 जून 2026 को पुरी, ओडिशा से गिरफ्तार किया।
घोष पर KMC वार्ड नंबर 108 में ₹3 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप है।
शिकायत दर्ज होते ही घोष फरार हो गए थे; उनके चालक सुजीत चौधरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
पिछले एक महीने में TMC के कुल 11 पार्षद विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
जाँच में घोष के नाम और कथित तौर पर गुमनाम नामों से दर्ज करोड़ों की संपत्तियाँ सामने आई हैं।
घोष को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जा रहा है।

कोलकाता के वार्ड नंबर 108 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद सुशांत घोष को 17 जून 2026 को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया गया। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की, जिनमें घोष पर ₹3 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप लगाया गया था। यह गिरफ्तारी पिछले एक महीने में TMC के 11वें पार्षद की गिरफ्तारी है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, आनंदपुर थाने में हॉकर्स समिति के कई सदस्यों ने सुशांत घोष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि घोष ने वार्ड नंबर 108 में ₹3 करोड़ की वसूली की। जैसे ही शिकायत दर्ज हुई, घोष ने अपनी कार छोड़कर ओडिशा की ओर भागने की कोशिश की।

पुलिस ने घटनास्थल से उनके चालक सुजीत चौधरी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन घोष फरार होने में सफल रहे। इसके बाद STF ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया और अंततः उन्हें पुरी, ओडिशा से पकड़ा।

पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ

सुशांत घोष कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (KMC) के बरो कमेटी नंबर 12 के चेयरमैन भी रह चुके हैं। बीते महीने उन्होंने चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था, हालाँकि पार्षद पद से इस्तीफा नहीं दिया था। गौरतलब है कि फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद KMC से जुड़े म्युनिसिपल बोर्ड को भंग कर दिया गया था।

यह ऐसे समय में आया है जब पिछले एक महीने में TMC के कुल 11 पार्षद विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं, जो कोलकाता नगर निकाय में व्यापक भ्रष्टाचार की जाँच का संकेत देता है।

संपत्ति का खुलासा

जाँचकर्ताओं के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में सुशांत घोष के नाम पर कई संपत्तियाँ सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कुछ संपत्तियाँ कथित तौर पर गुमनाम नामों से भी दर्ज हैं। जाँचकर्ताओं का अनुमान है कि इन संपत्तियों की कुल कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है।

आगे क्या होगा

फिलहाल सुशांत घोष को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जा रहा है, जहाँ पुलिस उनसे इस मामले में विस्तार से पूछताछ करेगी। जाँच का दायरा उनकी संपत्तियों के स्रोत और वसूली के नेटवर्क तक विस्तारित होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह सवाल उठाता है कि निगरानी तंत्र इतने समय तक कहाँ था। करोड़ों की कथित संपत्ति और गुमनाम नामों से दर्ज जायदाद की बात सामने आना बताता है कि जाँच की परतें अभी और खुलनी हैं — असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह कार्रवाई ऊपर तक पहुँचती है या सिर्फ पार्षद स्तर पर ही रुक जाती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुशांत घोष कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
सुशांत घोष कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के वार्ड नंबर 108 से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद हैं। उन पर हॉकर्स समिति के सदस्यों से ₹3 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप है, जिसके बाद STF ने उन्हें ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया।
सुशांत घोष को कहाँ से और कैसे पकड़ा गया?
शिकायत दर्ज होते ही घोष अपनी कार छोड़कर ओडिशा भाग गए थे। STF ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया और अंततः 17 जून 2026 को उन्हें पुरी से गिरफ्तार किया। उनके चालक सुजीत चौधरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
पिछले एक महीने में कितने TMC पार्षद गिरफ्तार हुए हैं?
सुशांत घोष की गिरफ्तारी के साथ पिछले एक महीने में TMC के कुल 11 पार्षद विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं। यह गिरफ्तारियाँ KMC में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही व्यापक जाँच का हिस्सा हैं।
सुशांत घोष की संपत्तियों के बारे में क्या सामने आया है?
जाँचकर्ताओं के अनुसार प्रारंभिक जाँच में घोष के नाम पर कई संपत्तियाँ मिली हैं, जिनकी कुल कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कुछ संपत्तियाँ कथित तौर पर गुमनाम नामों से भी दर्ज हैं।
अब आगे इस मामले में क्या होगा?
सुशांत घोष को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जा रहा है, जहाँ पुलिस उनसे विस्तार से पूछताछ करेगी। जाँच का दायरा उनकी संपत्तियों के स्रोत और वसूली नेटवर्क तक विस्तारित होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले