केएमसी के तृणमूल पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन पोक्सो के तहत गिरफ्तार, सरकार बदलने के बाद 8वीं गिरफ्तारी
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के जोड़ासांको इलाके के वार्ड नंबर 39 के तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन को रविवार, 7 जून 2026 को पुलिस ने नाबालिग से छेड़छाड़ और उसे धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया। कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के इतिहास में यह उस श्रृंखला की आठवीं गिरफ्तारी है, जो राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद से तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों पर दर्ज हो रही है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस और केंद्रीय बल रविवार सुबह 6 बजे से ही जसीमुद्दीन के घर के बाहर तैनात थे। आरोप है कि पार्षद ने घर का कोलैप्सिबल गेट अंदर से बंद कर लिया और पुलिस के बार-बार बुलाने पर भी दरवाजा नहीं खोला। करीब छह घंटे के इंतजार के बाद दोपहर में एक ताला विशेषज्ञ को मौके पर बुलाया गया, दरवाजा खुलवाया गया और जसीमुद्दीन को हिरासत में लिया गया। उन्हें कार में बिठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
आरोपों की पृष्ठभूमि
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जसीमुद्दीन के करीबी तीन साल पहले इलाके की एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ में शामिल थे। वह लड़की अब कॉलेज में पढ़ती है। शनिवार को कालाबागान इलाके में उसे फिर से परेशान किया गया और पुराना मामला वापस लेने की धमकी दी गई। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने जोरासांको पुलिस स्टेशन में नई शिकायत दर्ज कराई। शनिवार रात ही जसीमुद्दीन के एक करीबी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पार्षद सहित पाँच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कानूनी धाराएँ
पुलिस के मुताबिक, जसीमुद्दीन के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (POCSO) अधिनियम, 2012 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
जसीमुद्दीन पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से जुड़े थे। 2015 के नगर निगम चुनाव से पहले वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए और पार्टी के टिकट पर लगातार दो बार चुनाव जीते। तृणमूल सूत्रों के अनुसार वे पूर्व विधायक विवेक गुप्ता के करीबी माने जाते थे। इस साल के विधानसभा चुनाव में विवेक गुप्ता को जोरासांको से टिकट नहीं मिला, जिसके बाद से जसीमुद्दीन की स्थिति पार्टी के भीतर कमजोर बताई जा रही है।
एक और पार्षद की गिरफ्तारी
इसी बीच, शनिवार रात केएमसी के वार्ड नंबर 101 के पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को पाटुली से जबरदस्ती वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बप्पादित्य पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में थे और 2010 में पूर्व राज्यमंत्री पार्थ चटर्जी की मदद से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। वे केएमसी में तृणमूल कांग्रेस पार्षदों के चीफ व्हिप भी थे। गिरफ्तारी के दौरान पार्षद के समर्थक और BJP कार्यकर्ता दोनों घर के बाहर जमा हो गए — समर्थकों ने विरोध जताया जबकि BJP कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तार पार्षद पर अंडे फेंके। इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से केएमसी के तृणमूल कांग्रेस पार्षदों पर कार्रवाई का यह सिलसिला जारी है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।