27 जून 2026
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कोलकाता पुलिस ने TMC के पूर्व पार्षद तारकेश्वर चक्रवर्ती को रंगदारी और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया

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कोलकाता पुलिस ने TMC के पूर्व पार्षद तारकेश्वर चक्रवर्ती को रंगदारी और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया

सारांश

कोलकाता पुलिस ने TMC के पूर्व पार्षद तारकेश्वर चक्रवर्ती को रंगदारी और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया। सरकार बदलने के बाद से KMC के यह 11वें गिरफ्तार TMC पार्षद हैं — एक सिलसिला जो बताता है कि पुलिस की कार्रवाई अभी थमी नहीं है।

मुख्य बातें

तारकेश्वर चक्रवर्ती , TMC के पूर्व पार्षद (वार्ड नंबर 104, KMC), को शुक्रवार देर रात कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया।
उन पर 23 जून 2026 को सर्वे पार्क थाने में दर्ज दो एफआईआर में रंगदारी, छेड़छाड़, मारपीट और संपत्ति नुकसान सहित कई गंभीर आरोप हैं।
तारकेश्वर KMC के बोरो नंबर 11 के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
सरकार बदलने के बाद से KMC के लगभग 11 पूर्व TMC पार्षद अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं।
KMC बोर्ड भंग हो चुका है और मेयर फिरहाद हकीम इस्तीफा दे चुके हैं।
पुलिस अन्य TMC पार्षदों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की जाँच जारी रखे हुए है।

कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार देर रात तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद तारकेश्वर चक्रवर्ती को जबरन वसूली और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया। तारकेश्वर कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड नंबर 104 (सर्वे पार्क, दक्षिण कोलकाता) के पार्षद और बोरो नंबर 11 के चेयरमैन रह चुके हैं। उनके खिलाफ 23 जून 2026 को सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग प्राथमिकियाँ दर्ज की गई थीं।

मुख्य आरोप और एफआईआर का विवरण

पुलिस के अनुसार, पहली एफआईआर में तारकेश्वर चक्रवर्ती पर छेड़छाड़, काम में गैर-कानूनी बाधा, मारपीट, संपत्ति को नुकसान, महिला को निर्वस्त्र करने की नीयत से बल प्रयोग, डराने-धमकाने, चोरी और बिना अनुमति घुसने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दूसरी एफआईआर में जबरन वसूली (रंगदारी) का मामला दर्ज है। आरोपी संतोषपुर, कालीकुमार मजूमदार रोड के निवासी हैं और उन्हें शनिवार को शहर की अदालत में पेश किए जाने की जानकारी है।

KMC में TMC पार्षदों की गिरफ्तारियों का सिलसिला

यह गिरफ्तारी अलग-थलग घटना नहीं है। सरकार बदलने के बाद से पुलिस अब तक KMC के लगभग 11 पूर्व TMC पार्षदों को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर चुकी है। तारकेश्वर इस सूची में नवीनतम नाम हैं। पुलिस के अनुसार, कोलकाता के अलग-अलग थानों में दर्ज तृणमूल के अन्य पार्षदों के खिलाफ शिकायतों की भी जाँच जारी है।

KMC बोर्ड भंग, मेयर का इस्तीफा

गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद से TMC और उसके नियंत्रण वाले नगर निकायों में राजनीतिक उथल-पुथल मची है। कोलकाता नगर निगम बोर्ड को भंग किया जा चुका है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद नगर निकाय बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो गया, जिससे शहर के प्रशासनिक ढाँचे में बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

आगे क्या होगा

तारकेश्वर चक्रवर्ती की अदालत में पेशी के बाद उनकी जमानत याचिका या न्यायिक हिरासत पर निर्णय होने की संभावना है। इस बीच, पुलिस अन्य पूर्व पार्षदों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की जाँच को आगे बढ़ा रही है, जो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि जवाबदेही का यह दौर चुनिंदा नहीं, बल्कि व्यापक है। असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ न्यायिक प्रक्रिया में टिकेंगी या राजनीतिक दबाव के बीच कमज़ोर पड़ जाएंगी — क्योंकि भारत में सत्ता-परिवर्तन के बाद ऐसी कार्रवाइयाँ अक्सर अदालतों में लंबी खिंचती हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारकेश्वर चक्रवर्ती कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
तारकेश्वर चक्रवर्ती TMC के पूर्व पार्षद हैं जो KMC के वार्ड नंबर 104 (सर्वे पार्क, दक्षिण कोलकाता) का प्रतिनिधित्व करते थे और बोरो नंबर 11 के चेयरमैन भी रहे। उन्हें जबरन वसूली और छेड़छाड़ सहित कई आरोपों में शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया।
तारकेश्वर के खिलाफ कौन-कौन सी एफआईआर दर्ज हैं?
23 जून 2026 को सर्वे पार्क थाने में दो एफआईआर दर्ज की गईं। पहली में छेड़छाड़, मारपीट, संपत्ति को नुकसान, महिला को निर्वस्त्र करने की नीयत से बल प्रयोग और बिना अनुमति घुसने के आरोप हैं। दूसरी एफआईआर जबरन वसूली (रंगदारी) से संबंधित है।
KMC में अब तक कितने TMC पार्षद गिरफ्तार हो चुके हैं?
सरकार बदलने के बाद से पुलिस KMC के लगभग 11 पूर्व TMC पार्षदों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से अधिकांश पर जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। तारकेश्वर चक्रवर्ती इस सूची में नवीनतम नाम हैं।
KMC बोर्ड क्यों भंग हुआ और फिरहाद हकीम का इस्तीफा क्यों हुआ?
राज्य विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद पार्टी और उसके नियंत्रण वाले नगर निकायों में राजनीतिक संकट गहरा गया। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद KMC बोर्ड स्वतः भंग हो गया।
आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस के अनुसार, कोलकाता के विभिन्न थानों में TMC के अन्य पूर्व पार्षदों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की जाँच जारी है। इससे आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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