कोलकाता पुलिस ने TMC के पूर्व पार्षद तारकेश्वर चक्रवर्ती को रंगदारी और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार देर रात तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद तारकेश्वर चक्रवर्ती को जबरन वसूली और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया। तारकेश्वर कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड नंबर 104 (सर्वे पार्क, दक्षिण कोलकाता) के पार्षद और बोरो नंबर 11 के चेयरमैन रह चुके हैं। उनके खिलाफ 23 जून 2026 को सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग प्राथमिकियाँ दर्ज की गई थीं।
मुख्य आरोप और एफआईआर का विवरण
पुलिस के अनुसार, पहली एफआईआर में तारकेश्वर चक्रवर्ती पर छेड़छाड़, काम में गैर-कानूनी बाधा, मारपीट, संपत्ति को नुकसान, महिला को निर्वस्त्र करने की नीयत से बल प्रयोग, डराने-धमकाने, चोरी और बिना अनुमति घुसने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दूसरी एफआईआर में जबरन वसूली (रंगदारी) का मामला दर्ज है। आरोपी संतोषपुर, कालीकुमार मजूमदार रोड के निवासी हैं और उन्हें शनिवार को शहर की अदालत में पेश किए जाने की जानकारी है।
KMC में TMC पार्षदों की गिरफ्तारियों का सिलसिला
यह गिरफ्तारी अलग-थलग घटना नहीं है। सरकार बदलने के बाद से पुलिस अब तक KMC के लगभग 11 पूर्व TMC पार्षदों को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर चुकी है। तारकेश्वर इस सूची में नवीनतम नाम हैं। पुलिस के अनुसार, कोलकाता के अलग-अलग थानों में दर्ज तृणमूल के अन्य पार्षदों के खिलाफ शिकायतों की भी जाँच जारी है।
KMC बोर्ड भंग, मेयर का इस्तीफा
गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद से TMC और उसके नियंत्रण वाले नगर निकायों में राजनीतिक उथल-पुथल मची है। कोलकाता नगर निगम बोर्ड को भंग किया जा चुका है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद नगर निकाय बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो गया, जिससे शहर के प्रशासनिक ढाँचे में बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
आगे क्या होगा
तारकेश्वर चक्रवर्ती की अदालत में पेशी के बाद उनकी जमानत याचिका या न्यायिक हिरासत पर निर्णय होने की संभावना है। इस बीच, पुलिस अन्य पूर्व पार्षदों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की जाँच को आगे बढ़ा रही है, जो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों का संकेत देता है।