कोलकाता: TMC पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन के घर पुलिस का छापा, POCSO मामले में पूछताछ की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के जोरासांको इलाके में 7 जून 2026 को पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन के घर पर सुबह करीब 6 बजे छापा मारा। जसीमुद्दीन कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के वार्ड नंबर 39 के पार्षद हैं। अधिकारियों ने रविवार को इस छापे की पुष्टि की।
छापे की पृष्ठभूमि
जोरासांको पुलिस स्टेशन के अधिकारी केंद्रीय बलों के साथ कॉलेज स्ट्रीट के निकट स्थित पार्षद के घर पहुँचे। केंद्रीय बल के जवान घर के बाहर तैनात रहे, जबकि पुलिस अधिकारियों ने पार्षद से पूछताछ के लिए अंदर जाने का प्रयास किया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जसीमुद्दीन ने दरवाज़ा नहीं खोला और पुलिस काफी देर तक घर के बाहर प्रतीक्षा करती रही।
POCSO मामले से जुड़ाव
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (POCSO) एक्ट, 2012 के तहत दर्ज मामले के सिलसिले में जसीमुद्दीन से पूछताछ करना चाहती थी। इससे एक दिन पहले, शनिवार को पुलिस ने पार्षद के एक करीबी व्यक्ति को उसी इलाके से नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया था।
स्थानीय नाराज़गी और जनता का जमावड़ा
पुलिस की कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके के लोग घर के बाहर एकत्र होने लगे। कई स्थानीय निवासी हाथों में अंडे लिए खड़े थे और उन्होंने कहा कि वे पार्षद पर अंडे फेंकना चाहते हैं, जिन्होंने उन्हें 'परेशान और तंग किया'। इलाके में जसीमुद्दीन के खिलाफ रियल एस्टेट डेवलपमेंट से जुड़े कामों को लेकर पहले से कई शिकायतें दर्ज हैं।
TMC पार्षदों पर कार्रवाई का सिलसिला
यह छापा ऐसे समय में आया है जब KMC के तृणमूल पार्षदों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाइयाँ लगातार बढ़ रही हैं। अब तक सात TMC पार्षदों को पुलिस अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और 2021 के बाद हुई चुनावी हिंसा में संलिप्तता शामिल है।
इसी क्रम में शनिवार को पार्षद बाप्पादित्य दासगुप्ता को पटुली से जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाते समय स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और 'चोर-चोर' के नारे लगाए। रविवार सुबह पुलिस ने कोलकाता में एक और TMC पार्षद के घर पर भी छापा मारा।
आगे की स्थिति
छापे के समय पुलिस की कार्रवाई का विस्तृत कारण आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया था और अधिक जानकारी की प्रतीक्षा थी। KMC में TMC पार्षदों के खिलाफ चल रही यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सत्ता संरचना पर बड़े सवाल खड़े करती है।