TMC प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार गिरफ्तार, साल्ट लेक में किराए के मकान पर कब्जे का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार को बिधाननगर (नॉर्थ) थाना पुलिस ने बुधवार को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित एक किराए के मकान पर कथित अवैध कब्जे के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। मकान मालकिन की शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई, जिसमें मजूमदार पर लंबे समय से किराया न देने और राजनीतिक रसूख का हवाला देकर धमकाने के आरोप लगाए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
शिकायत के अनुसार, मजूमदार अपनी पत्नी के साथ वर्ष 2014 में मामूली किराए पर साल्ट लेक स्थित इस मकान में रहने आए थे। आरोप है कि कुछ समय बाद उन्होंने किराया देना बंद कर दिया और जब भी उनसे किराया देने या मकान खाली करने को कहा गया, उन्होंने कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
यह मकान पहले मकान मालकिन के पति के नाम पर था। उनके निधन के बाद मालिकाना हक उनकी पत्नी को मिल गया।
विवाद कैसे बढ़ा
बुधवार को मकान के एक हिस्से में ताला लगाने को लेकर मजूमदार और मकान मालकिन के बीच विवाद तेज़ हो गया। इस दौरान आसपास के निवासी भी मौके पर पहुँच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब मजूमदार अपनी गाड़ी से वहाँ से निकलने की कोशिश करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली। बढ़ते विरोध को देखते हुए मजूमदार ने जल्द से जल्द मकान खाली करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।
पुलिस कार्रवाई
स्थानीय लोगों की सूचना पर बिधाननगर (नॉर्थ) थाने की पुलिस मौके पर पहुँची और मजूमदार को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। शिकायत में किराया न देने के साथ-साथ दुर्व्यवहार और धमकी के भी आरोप दर्ज हैं।
उतार-चढ़ाव भरा राजनीतिक सफर
जय प्रकाश मजूमदार का राजनीतिक करियर कई पाला-बदल से गुज़रा है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी, बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए और पश्चिम बंगाल इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष बने।
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद BJP ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया था। इसके बाद वे TMC में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी सौंपी।
क्या होगा आगे
पुलिस आगे की क़ानूनी प्रक्रिया के तहत मजूमदार को अदालत में पेश करेगी। मामले में मकान-मालिक और किराएदार विवाद के साथ-साथ धमकी देने की धाराओं पर भी जाँच आगे बढ़ेगी।