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TMC प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार गिरफ्तार, साल्ट लेक में किराए के मकान पर कब्जे का आरोप

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TMC प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार गिरफ्तार, साल्ट लेक में किराए के मकान पर कब्जे का आरोप

सारांश

बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार की गिरफ्तारी सिर्फ किराया विवाद नहीं — यह राजनीतिक रसूख के दुरुपयोग के आरोपों का मामला है। साल्ट लेक में मकान मालकिन की शिकायत, स्थानीय लोगों का विरोध और कांग्रेस-BJP होते हुए TMC तक पहुँचे नेता की गिरफ्तारी ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

मुख्य बातें

TMC प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार को बुधवार को बिधाननगर (नॉर्थ) थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया।
आरोप — साल्ट लेक, कोलकाता के किराए के मकान पर कथित अवैध कब्जा और लंबे समय से किराया न देना।
मकान मालकिन के अनुसार, मजूमदार 2014 से वहाँ रह रहे थे और किराया माँगने पर कथित तौर पर धमकाते थे।
स्थानीय निवासियों के विरोध-प्रदर्शन और गाड़ी की चाबी छीने जाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मजूमदार कांग्रेस और BJP से होते हुए TMC में आए; 2021 चुनाव के बाद BJP ने उन्हें निलंबित किया था।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार को बिधाननगर (नॉर्थ) थाना पुलिस ने बुधवार को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित एक किराए के मकान पर कथित अवैध कब्जे के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। मकान मालकिन की शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई, जिसमें मजूमदार पर लंबे समय से किराया न देने और राजनीतिक रसूख का हवाला देकर धमकाने के आरोप लगाए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, मजूमदार अपनी पत्नी के साथ वर्ष 2014 में मामूली किराए पर साल्ट लेक स्थित इस मकान में रहने आए थे। आरोप है कि कुछ समय बाद उन्होंने किराया देना बंद कर दिया और जब भी उनसे किराया देने या मकान खाली करने को कहा गया, उन्होंने कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

यह मकान पहले मकान मालकिन के पति के नाम पर था। उनके निधन के बाद मालिकाना हक उनकी पत्नी को मिल गया।

विवाद कैसे बढ़ा

बुधवार को मकान के एक हिस्से में ताला लगाने को लेकर मजूमदार और मकान मालकिन के बीच विवाद तेज़ हो गया। इस दौरान आसपास के निवासी भी मौके पर पहुँच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब मजूमदार अपनी गाड़ी से वहाँ से निकलने की कोशिश करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली। बढ़ते विरोध को देखते हुए मजूमदार ने जल्द से जल्द मकान खाली करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।

पुलिस कार्रवाई

स्थानीय लोगों की सूचना पर बिधाननगर (नॉर्थ) थाने की पुलिस मौके पर पहुँची और मजूमदार को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। शिकायत में किराया न देने के साथ-साथ दुर्व्यवहार और धमकी के भी आरोप दर्ज हैं।

उतार-चढ़ाव भरा राजनीतिक सफर

जय प्रकाश मजूमदार का राजनीतिक करियर कई पाला-बदल से गुज़रा है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी, बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए और पश्चिम बंगाल इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष बने।

2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद BJP ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया था। इसके बाद वे TMC में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी सौंपी।

क्या होगा आगे

पुलिस आगे की क़ानूनी प्रक्रिया के तहत मजूमदार को अदालत में पेश करेगी। मामले में मकान-मालिक और किराएदार विवाद के साथ-साथ धमकी देने की धाराओं पर भी जाँच आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक रसूख के कथित दुरुपयोग का है — और यही इसे संवेदनशील बनाता है। मजूमदार का कांग्रेस से BJP और फिर TMC तक का सफर बंगाल की 'पाला-बदल राजनीति' का जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ निष्ठाएँ नेताओं के साथ कुर्सियाँ भी बदलती हैं। सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारी की गिरफ्तारी से यह सवाल भी उठेगा कि क्या पुलिस की कार्रवाई 'सामान्य क़ानूनी प्रक्रिया' तक सीमित रहती है या इसका राजनीतिक अर्थ भी निकाला जाएगा। असली परीक्षा अदालत में होगी, जहाँ शिकायत के तथ्य सबूतों की कसौटी पर परखे जाएँगे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जय प्रकाश मजूमदार कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
जय प्रकाश मजूमदार तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पश्चिम बंगाल प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। उन्हें कोलकाता के साल्ट लेक स्थित एक किराए के मकान पर कथित अवैध कब्जे, लंबे समय से किराया न देने और मकान मालकिन को धमकाने के आरोप में बिधाननगर (नॉर्थ) थाना पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया।
साल्ट लेक मकान विवाद आख़िर क्या है?
शिकायत के अनुसार, मजूमदार 2014 में मामूली किराए पर इस मकान में रहने आए थे, लेकिन बाद में उन्होंने किराया देना बंद कर दिया। मकान मालकिन का आरोप है कि किराया माँगने या मकान खाली करने को कहने पर वे कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर धमकी देते थे।
गिरफ्तारी से पहले मौके पर क्या हुआ?
बुधवार को मकान के एक हिस्से में ताला लगाने को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद स्थानीय निवासी मौके पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजूमदार के वहाँ से गाड़ी से निकलने की कोशिश पर प्रदर्शनकारियों ने चाबी छीन ली और फिर पुलिस को सूचना दी गई।
मजूमदार का राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
मजूमदार ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी, इसके बाद वे भाजपा (BJP) में शामिल हुए और पश्चिम बंगाल में प्रदेश उपाध्यक्ष बने। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद BJP ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया, जिसके बाद वे TMC में शामिल हुए और प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए।
क्या यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है?
हाँ, क्योंकि इसमें सत्ताधारी पार्टी का प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी आरोपी है और शिकायत में राजनीतिक प्रभाव के दुरुपयोग का सीधा आरोप है। आगे की क़ानूनी कार्यवाही और अदालती सुनवाई से ही यह तय होगा कि आरोप कितने प्रमाणित हो पाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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