पश्चिम बंगाल पोस्ट पोल हिंसा: TMC का विधानसभा में धरना, कुणाल घोष बोले- 'गरीबों के घर तोड़े जा रहे'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक दल ने 20 मई 2026 को कोलकाता स्थित विधानसभा परिसर में बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व विधानसभा में विपक्ष के नेता सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने किया। राज्य में बढ़ती राजनीतिक तनातनी और गिरफ्तारियों के बीच यह प्रदर्शन TMC की बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है।
मुख्य घटनाक्रम
TMC नेता कुणाल घोष ने प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ता अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं और उनके आवास तोड़ दिए गए हैं। घोष के अनुसार, पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
पुराने मामलों के दुरुपयोग का आरोप
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि पुराने मामलों को नए सिरे से खोलकर पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनके शब्दों में, 'पाँच साल पुराने केस निकाले जा रहे हैं, जिनमें उन लोगों का नाम तक नहीं था, लेकिन अब उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।' उन्होंने सवाल उठाया कि जिन गरीब लोगों के घर हटाए जा रहे हैं, वे आखिर अब कहाँ जाएंगे।
महंगाई और केंद्र पर निशाना
TMC नेता ने केंद्र सरकार पर 'डबल स्टैंडर्ड' अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने पेट्रोल, डीजल, घरेलू गैस, कमर्शियल गैस और ऑटो एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा और कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इसी के विरोध में TMC विधायक धरने पर बैठे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनाव के बाद हिंसा, गिरफ्तारी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर माहौल लगातार गरमाया हुआ है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हर बड़े चुनाव के बाद पोस्ट पोल हिंसा की शिकायतें सामने आती रही हैं, और यह मसला राज्य की राजनीति का एक पुराना विवादास्पद बिंदु बना हुआ है।
आगे क्या
TMC के इस प्रदर्शन के बाद राज्य में राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है। विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और प्रशासन का अगला कदम आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट करेगा।