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ममता बनर्जी स्कूटर से पहुंचीं पद्मपुकुर, तृणमूल नेता कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी हिरासत में

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ममता बनर्जी स्कूटर से पहुंचीं पद्मपुकुर, तृणमूल नेता कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी हिरासत में

सारांश

नीट प्रश्न पत्र लीक के विरोध में निकाले जाने वाले जुलूस पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने रोक लगाई, पुलिस ने तृणमूल नेताओं कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी को हिरासत में लिया — और ममता बनर्जी स्कूटर पर सवार होकर सड़कों पर उतर आईं। यह टकराव पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोर्चा खोलता है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी 25 जुलाई को स्कूटर से कोलकाता के पद्मपुकुर इलाके पहुंचीं, जहाँ पार्टी नेता हिरासत में लिए गए थे।
तृणमूल नेता कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी को पुलिस ने हिरासत में लिया।
TMCP और TMC की आईटी सेल ने नीट प्रश्न पत्र लीक के विरोध में पद्मपुकुर से मौलाली तक मार्च का आह्वान किया था।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अवकाश के दिन सुनवाई कर जुलूस की अनुमति देने से इनकार किया।
ममता ने फेसबुक लाइव पर सवाल उठाया कि अन्य दलों को रैलियों की अनुमति क्यों और तृणमूल को क्यों नहीं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी शनिवार, 25 जुलाई को स्कूटर पर सवार होकर कोलकाता के पद्मपुकुर इलाके पहुंचीं, जब पुलिस ने उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी को हिरासत में ले लिया। नीट परीक्षा प्रश्न पत्र लीक के विरोध में निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर पुलिस और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद यह गिरफ्तारियाँ हुईं।

मुख्य घटनाक्रम

तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) और TMC की आईटी सेल ने पद्मपुकुर से सीआईटी रोड होते हुए मौलाली चौराहे तक मार्च का आह्वान किया था। दोपहर से ही पार्टी नेता डोला सेन, कुणाल घोष और बैश्वनोर चट्टोपाध्याय समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पद्मपुकुर में इकट्ठा होने लगे थे।

तृणमूल का दावा है कि पुलिस ने पहले जुलूस की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया। TMCP अध्यक्ष प्रियंका अधिकारी को ईमेल के ज़रिए सूचित किया गया कि शुक्रवार को वामपंथियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई अशांति के कारण अनुमति नहीं दी जा सकती।

कलकत्ता हाई कोर्ट का फैसला

अनुमति वापस लिए जाने के बाद TMCP ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। न्यायालय ने अवकाश के दिन भी याचिका पर सुनवाई की, लेकिन शुक्रवार की अशांति को आधार बनाते हुए याचिका खारिज कर दी और जुलूस की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

पुलिस-कार्यकर्ता झड़प और गिरफ्तारियाँ

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने पद्मपुकुर से भीड़ को हटाने की कार्रवाई शुरू की, जिसके चलते तृणमूल नेताओं, कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तनाव और झड़प हुई। इसी दौरान कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी को हिरासत में ले लिया गया।

ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया

गिरफ्तारी की खबर मिलते ही ममता बनर्जी पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन के साथ मौके पर पहुंचीं और बाद में स्कूटर से कालीघाट स्थित अपने आवास लौट गईं। घर पहुंचने के बाद उन्होंने फेसबुक लाइव के ज़रिए अपना पक्ष रखा और सवाल उठाया कि अगर अन्य दलों को रैलियों की अनुमति दी जा रही है, तो तृणमूल के छात्रों और युवाओं को क्यों नहीं।

उन्होंने कहा, 'क्या तृणमूल अछूत है? क्या तृणमूल की आवाज़ को इस तरह दबाया जा सकता है?' यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब नीट परीक्षा प्रश्न पत्र लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।

आगे क्या

गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और जुलूस पर प्रतिबंध को लेकर तृणमूल की कानूनी रणनीति क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह घटना पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल और राज्य पुलिस के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है, जो आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद धूमिल हुई है। गौरतलब है कि जिस पुलिस ने जुलूस रोका और नेताओं को हिरासत में लिया, वह राज्य सरकार के अधीन है — और राज्य में तृणमूल की ही सरकार है। यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है। नीट लीक का मुद्दा राष्ट्रीय है, लेकिन इसे स्थानीय राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की होड़ यह बताती है कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष की ज़मीन कितनी सिकुड़ चुकी है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी 25 जुलाई को स्कूटर से पद्मपुकुर क्यों गईं?
तृणमूल नेताओं कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी की हिरासत की खबर मिलते ही ममता बनर्जी स्कूटर से पद्मपुकुर पहुंचीं, जहाँ नीट प्रश्न पत्र लीक के विरोध में जुलूस का आयोजन किया जाना था। बाद में वे कालीघाट स्थित अपने आवास लौट गईं।
कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी को क्यों हिरासत में लिया गया?
कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा जुलूस की अनुमति अस्वीकार किए जाने के बाद पुलिस ने पद्मपुकुर से भीड़ हटाने की कोशिश की। इस दौरान हुई झड़प के बाद तृणमूल नेता कुणाल घोष और बैश्वनोर चटर्जी को हिरासत में लिया गया।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल के जुलूस की अनुमति क्यों नहीं दी?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को वामपंथियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई अशांति का हवाला देते हुए TMCP की याचिका खारिज की। न्यायालय ने अवकाश के दिन सुनवाई की, लेकिन सार्वजनिक शांति के आधार पर अनुमति देने से इनकार कर दिया।
तृणमूल छात्र परिषद का नीट विरोध मार्च किस रूट पर था?
TMCP और TMC की आईटी सेल ने पद्मपुकुर से सीआईटी रोड होते हुए मौलाली चौराहे तक मार्च की योजना बनाई थी। यह मार्च नीट परीक्षा प्रश्न पत्र लीक के विरोध में आयोजित किया जाना था।
ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव में क्या कहा?
ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव पर दावा किया कि जुलूस के लिए पुलिस से अनुमति माँगी गई थी, लेकिन नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अन्य दलों को रैलियों की अनुमति मिलती है तो तृणमूल के छात्रों और युवाओं को क्यों नहीं, और पूछा कि क्या तृणमूल की आवाज़ इस तरह दबाई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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