अन्नपूर्णा योजना दस्तावेज़ घोटाला: पुरुलिया में टीएमसी नेता सुजॉय बनर्जी समेत तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में अन्नपूर्णा योजना के दस्तावेज़ों से कथित छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने पुरुलिया जिला परिषद के उपाध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सुजॉय बनर्जी समेत तीन लोगों को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुंचा ब्लॉक कार्यालय में रखे लैपटॉप में सरकारी दस्तावेज़ों से हेरफेर की कोशिश की।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनुसार, 7 जुलाई की रात आरोपियों ने पुंचा ब्लॉक कार्यालय का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया और लैपटॉप में संग्रहीत सरकारी दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ की। BJP का आरोप है कि पुंचा पंचायत समिति के उपाध्यक्ष कृपासिंधु बनर्जी और कार्यकारी अधिकारी चरणपहाड़ी दास ने यह काम जिला परिषद उपाध्यक्ष सुजॉय बनर्जी के कथित निर्देश पर किया।
BJP नेताओं का दावा है कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुँचे और दोनों को रंगे हाथ पकड़ा। 8 जुलाई को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कृपासिंधु बनर्जी, चरणपहाड़ी दास और ब्लॉक कार्यालय के दो कर्मचारियों सहित चार लोगों को हिरासत में लिया। हालाँकि, 9 जुलाई को अदालत ने सभी को जमानत दे दी।
दूसरी गिरफ्तारी और नई शिकायत
जमानत मिलने के बाद BJP ने एक और शिकायत दर्ज कराई। नई शिकायत के आधार पर पुलिस ने शनिवार रात लाखरा गाँव स्थित उनके घरों से सुजॉय बनर्जी और कृपासिंधु बनर्जी को गिरफ्तार किया, जबकि चरणपहाड़ी दास को पारुई गाँव से हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
BJP का आरोप: लाभार्थियों के नाम हटाने की साज़िश
BJP के जिला उपाध्यक्ष जनप्रिय घोष ने स्थानीय मीडिया से कहा, 'हमें पहले से सूचना थी कि आरोपी काफी समय से रात के अँधेरे में इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा। हमें आशंका है कि वे अन्नपूर्णा योजना के पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने की कोशिश कर रहे थे।' BJP ने यह भी आरोप लगाया है कि केवल अन्नपूर्णा योजना ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के दस्तावेज़ों में भी हेरफेर की गई है।
TMC की प्रतिक्रिया
पुरुलिया जिला परिषद की सभाधिपति एवं TMC नेता निबेदिता महतो ने कहा, 'मुझे अभी-अभी इस मामले की जानकारी मिली है। मैं पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर स्थिति स्पष्ट करूँगी।' गौरतलब है कि सुजॉय बनर्जी 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पुरुलिया सीट से TMC के उम्मीदवार थे, जो इस मामले को राजनीतिक रूप से और संवेदनशील बनाता है।
आगे क्या होगा
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत या जमानत पर निर्णय होगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है और कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।