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अन्नपूर्णा योजना दस्तावेज़ घोटाला: पुरुलिया में टीएमसी नेता सुजॉय बनर्जी समेत तीन गिरफ्तार

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अन्नपूर्णा योजना दस्तावेज़ घोटाला: पुरुलिया में टीएमसी नेता सुजॉय बनर्जी समेत तीन गिरफ्तार

सारांश

पुरुलिया में अन्नपूर्णा योजना के दस्तावेज़ों से कथित छेड़छाड़ का मामला सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं — यह 2026 चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर उठते सवालों की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। TMC नेता की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है।

मुख्य बातें

पुरुलिया जिला परिषद के उपाध्यक्ष एवं TMC नेता सुजॉय बनर्जी समेत तीन लोगों को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि 7 जुलाई की रात पुंचा ब्लॉक कार्यालय में घुसकर अन्नपूर्णा योजना के लैपटॉप दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ की गई।
BJP ने आरोप लगाया कि अन्नपूर्णा योजना के पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने की कोशिश की जा रही थी।
पहली गिरफ्तारी ( 8 जुलाई ) के बाद 9 जुलाई को सभी आरोपियों को जमानत मिली; दूसरी शिकायत पर शनिवार रात पुनः गिरफ्तारी हुई।
सुजॉय बनर्जी 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पुरुलिया सीट से TMC उम्मीदवार थे।
TMC नेता निबेदिता महतो ने कहा वे पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर स्थिति स्पष्ट करेंगी।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में अन्नपूर्णा योजना के दस्तावेज़ों से कथित छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने पुरुलिया जिला परिषद के उपाध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सुजॉय बनर्जी समेत तीन लोगों को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुंचा ब्लॉक कार्यालय में रखे लैपटॉप में सरकारी दस्तावेज़ों से हेरफेर की कोशिश की।

मुख्य घटनाक्रम

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनुसार, 7 जुलाई की रात आरोपियों ने पुंचा ब्लॉक कार्यालय का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया और लैपटॉप में संग्रहीत सरकारी दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ की। BJP का आरोप है कि पुंचा पंचायत समिति के उपाध्यक्ष कृपासिंधु बनर्जी और कार्यकारी अधिकारी चरणपहाड़ी दास ने यह काम जिला परिषद उपाध्यक्ष सुजॉय बनर्जी के कथित निर्देश पर किया।

BJP नेताओं का दावा है कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुँचे और दोनों को रंगे हाथ पकड़ा। 8 जुलाई को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कृपासिंधु बनर्जी, चरणपहाड़ी दास और ब्लॉक कार्यालय के दो कर्मचारियों सहित चार लोगों को हिरासत में लिया। हालाँकि, 9 जुलाई को अदालत ने सभी को जमानत दे दी।

दूसरी गिरफ्तारी और नई शिकायत

जमानत मिलने के बाद BJP ने एक और शिकायत दर्ज कराई। नई शिकायत के आधार पर पुलिस ने शनिवार रात लाखरा गाँव स्थित उनके घरों से सुजॉय बनर्जी और कृपासिंधु बनर्जी को गिरफ्तार किया, जबकि चरणपहाड़ी दास को पारुई गाँव से हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

BJP का आरोप: लाभार्थियों के नाम हटाने की साज़िश

BJP के जिला उपाध्यक्ष जनप्रिय घोष ने स्थानीय मीडिया से कहा, 'हमें पहले से सूचना थी कि आरोपी काफी समय से रात के अँधेरे में इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा। हमें आशंका है कि वे अन्नपूर्णा योजना के पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने की कोशिश कर रहे थे।' BJP ने यह भी आरोप लगाया है कि केवल अन्नपूर्णा योजना ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के दस्तावेज़ों में भी हेरफेर की गई है।

TMC की प्रतिक्रिया

पुरुलिया जिला परिषद की सभाधिपति एवं TMC नेता निबेदिता महतो ने कहा, 'मुझे अभी-अभी इस मामले की जानकारी मिली है। मैं पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर स्थिति स्पष्ट करूँगी।' गौरतलब है कि सुजॉय बनर्जी 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पुरुलिया सीट से TMC के उम्मीदवार थे, जो इस मामले को राजनीतिक रूप से और संवेदनशील बनाता है।

आगे क्या होगा

तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत या जमानत पर निर्णय होगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है और कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह 2026 चुनाव में TMC का उम्मीदवार था, जो इस मामले को राजनीतिक आयाम देता है। आलोचकों का कहना है कि लाभार्थी सूचियों में हेरफेर की यह कथित प्रवृत्ति — अगर साबित हुई — सीधे उन गरीब परिवारों को नुकसान पहुँचाती है जिनके लिए ये योजनाएँ बनी हैं। सवाल यह भी है कि पहली गिरफ्तारी के बाद इतनी जल्दी जमानत कैसे मिली और क्या जाँच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ेगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अन्नपूर्णा योजना दस्तावेज़ छेड़छाड़ मामला क्या है?
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में 7 जुलाई की रात पुंचा ब्लॉक कार्यालय में घुसकर अन्नपूर्णा योजना के लैपटॉप दस्तावेज़ों से कथित छेड़छाड़ का मामला है। BJP का आरोप है कि TMC नेताओं ने पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने की कोशिश की।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुरुलिया जिला परिषद के उपाध्यक्ष एवं TMC नेता सुजॉय बनर्जी, पुंचा पंचायत समिति के उपाध्यक्ष कृपासिंधु बनर्जी और कार्यकारी अधिकारी चरणपहाड़ी दास को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 8 जुलाई को भी गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन 9 जुलाई को सभी को जमानत मिल गई थी।
BJP ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
BJP नेताओं के अनुसार, उन्हें पहले से सूचना मिली थी कि आरोपी रात के अँधेरे में गैरकानूनी गतिविधियाँ कर रहे थे। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुँचे और स्थानीय लोगों की मदद से कृपासिंधु बनर्जी और चरणपहाड़ी दास को रंगे हाथ पकड़ा।
सुजॉय बनर्जी कौन हैं?
सुजॉय बनर्जी पुरुलिया जिला परिषद के उपाध्यक्ष और TMC नेता हैं। वे 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पुरुलिया सीट से TMC के उम्मीदवार भी थे।
TMC ने इस मामले पर क्या कहा है?
पुरुलिया जिला परिषद की सभाधिपति एवं TMC नेता निबेदिता महतो ने कहा कि उन्हें अभी-अभी इस मामले की जानकारी मिली है और वे पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर स्थिति स्पष्ट करेंगी। पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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