अन्नपूर्णा भंडार विवाद: भाजपा नेता राहुल सिन्हा बोले — 'टीएमसी चुप रहे, 30 लाख अवैध लाभार्थियों की होगी जाँच'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना को लेकर राजनीतिक तनाव तेज़ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने 30 मई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि यदि TMC इस मुद्दे पर चुप रहे, तो उनके लिए यही बेहतर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली TMC सरकार के कार्यकाल में लगभग 30 लाख अवैध लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया।
भाजपा का पलटवार
राहुल सिन्हा ने कहा, 'टीएमसी का अन्नपूर्णा भंडार स्कीम पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। जिस पार्टी ने 'लक्ष्मी भंडार' का नाम रखकर योजना का फायदा घुसपैठियों को दिया।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि TMC सरकार ने कई जगहों पर पुरुषों को भी इस योजना का लाभ दिलाया, जो कि नियमों के विरुद्ध था।
सिन्हा ने स्पष्ट किया, 'हमारी सरकार उन सभी की छानबीन कर रही है। जिसने जनता के पैसे को इस तरह चोरी किया है, उन सभी को हिरासत में लिया जाएगा। इसलिए टीएमसी इस विषय पर चुप रहेगी, तो उनके लिए मंगल होगा।'
30 लाख अवैध लाभार्थियों का दावा
नई भाजपा सरकार ने पिछली TMC सरकार के कार्यकाल में लगभग 30 लाख अवैध लाभार्थियों को मासिक राशि मिलने का हवाला दिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी पहले कहा था कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई लक्ष्मी भंडार योजना के तहत इन अवैध लाभार्थियों को धन वितरित किया जाता रहा। इसी के मद्देनज़र नई आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है।
टीएमसी का पलटवार — 12 पन्नों का फॉर्म विवाद
हालाँकि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) नई आवेदन प्रक्रिया में 12 पन्नों के फॉर्म को लेकर सरकार पर हमलावर है। TMC का आरोप है कि भाजपा सरकार जानबूझकर आवेदन प्रक्रिया को जटिल बनाकर अन्नपूर्णा भंडार के लाभार्थियों की संख्या घटाना चाहती है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राज्य में नई सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर रही है।
बांग्लादेशी नागरिकों पर भाजपा का रुख
बंगाल में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के मुद्दे पर राहुल सिन्हा ने कहा, 'सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि बांग्लादेशी नागरिकों को अपने देश वापस लौट जाना चाहिए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग बांग्लादेश सीमा की ओर न जाकर अन्य राज्यों में जा रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें 'चुन-चुनकर' वापस भेजेगी।
सिन्हा ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार भारत को कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं से मुक्त कराने के प्रयास कर रही है, और केंद्रीय गृह मंत्री पहले ही इसी तरह के राष्ट्रव्यापी अभियान का ऐलान कर चुके हैं। यह मामला आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग लेने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटे हैं।