एनसीबी ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर नवीन चिचकर को किया निरुद्ध, ₹10 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट ने 16 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क संचालित करने वाले आदतन तस्कर नवीन गुरुनाथ चिचकर को औपचारिक रूप से निरुद्ध कर दिया। राजस्व विभाग के अवैध मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ तस्करी निवारण (PIT-NDPS) प्रभाग द्वारा 15 मई 2026 को जारी निरोध आदेश को लागू करते हुए चिचकर को महाराष्ट्र की येरवडा सेंट्रल जेल, पुणे से तमिलनाडु की पुजल सेंट्रल जेल, चेन्नई स्थानांतरित किया गया।
कौन है नवीन चिचकर
NCB के अनुसार, नवीन चिचकर एक आदतन ड्रग अपराधी है जो कोकीन, हाइड्रोपोनिक गांजा, कैनबिस गमीज और एलएसडी (LSD) जैसे मादक पदार्थों की तस्करी में कई बार लिप्त रहा है। उसे NCB और नवी मुंबई पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियों द्वारा अब तक चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है।
साल 2021 में NCB मुंबई के एक मामले में गांजा और व्यावसायिक मात्रा में LSD की बरामदगी के बाद वह भारत छोड़कर फरार हो गया था। इसके बाद उसने थाईलैंड, मलेशिया, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और वानुआतु में रहकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लायर्स से संपर्क स्थापित किए और भारत को निशाना बनाकर तस्करी का नेटवर्क संचालित करता रहा।
मुख्य घटनाक्रम और बरामदगी
जनवरी 2025 में NCB मुंबई की बड़ी कार्रवाई में 11.540 किलोग्राम कोकीन, हाइड्रोपोनिक गांजा और कैनबिस गमीज बरामद की गईं। जांच में सामने आया कि थाईलैंड में बैठा चिचकर अमेरिका से कोकीन मंगाकर भारत में उसकी सप्लाई कराने का मास्टरमाइंड था। उसका नाम जनवरी 2025 की कोकीन बरामदगी के एक अन्य मामले और नवी मुंबई पुलिस की हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी जांच में भी उजागर हुआ था।
NCB के अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया। इसके बाद मई 2025 में उसे मलेशिया से भारत निर्वासित किया गया और NCB मुंबई ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
वित्तीय जांच और संपत्ति फ्रीज
NCB की वित्तीय जांच में ड्रग तस्करी से अर्जित मानी जा रही ₹10 करोड़ से अधिक की चल एवं अचल संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। जांच एजेंसियों का मानना था कि जमानत या रिहाई मिलने पर चिचकर दोबारा ड्रग तस्करी में शामिल हो सकता है, जिससे सामाजिक और सार्वजनिक व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है — यही निरोधात्मक कार्रवाई का आधार बना।
PIT-NDPS अधिनियम का प्रयोग
NCB ने स्पष्ट किया कि PIT-NDPS अधिनियम संगठित और आदतन ड्रग तस्करों के खिलाफ एक प्रभावी कानूनी हथियार है। इस अधिनियम के तहत ऐसे अपराधियों को बिना तत्काल मुकदमे के भी निरुद्ध किया जा सकता है, ताकि उन्हें दोबारा अवैध गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके। गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के विरुद्ध केंद्रीय एजेंसियाँ लगातार सख्त रुख अपना रही हैं।
आगे क्या होगा
चिचकर अब पुजल सेंट्रल जेल, चेन्नई में निरुद्ध है। NCB की जांच जारी है और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के प्रयास भी चल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में वित्तीय जांच की दिशा आगे और भी कड़े कदमों का संकेत दे सकती है।