एनसीबी ने पटना में ₹4.54 करोड़ की जब्त ड्रग्स नष्ट कीं, नशामुक्त भारत अभियान को मिली रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 3 सितंबर 2026 को पटना, बिहार में ₹4.54 करोड़ मूल्य की जब्त मादक द्रव्य सामग्री को विधिवत नष्ट किया, जो नशामुक्त भारत के प्रति एजेंसी की प्रतिबद्धता का ठोस प्रमाण है। एजेंसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई जब्त ड्रग्स के पुनः बाज़ार में प्रवेश को रोकने और तस्करी नेटवर्क को कमज़ोर करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
एनसीबी ने स्पष्ट किया कि यह बड़े पैमाने पर की गई विनाश-कार्रवाई ड्रग कार्टेल की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। एजेंसी ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है — कोई भी व्यक्ति मानस हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1933) के ज़रिए ड्रग्स से जुड़ी सूचना दे सकता है। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
मुंबई में प्रीकर्सर केमिकल पर सेमिनार
इससे पूर्व, 31 अगस्त को एनसीबी, मुंबई ने अपने राष्ट्रीय आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत मुंबई के साइटेक सेंटर में प्रीकर्सर और अन्य रसायनों के लिए स्वैच्छिक आचार संहिता (वीसीसी) पर एक सेमिनार आयोजित किया। इस सेमिनार की अध्यक्षता एनसीबी के डीडीजी (एसडब्ल्यूआर) ने की, जबकि एनसीबी मुंबई के अतिरिक्त निदेशक ने भी सभा को संबोधित किया। उद्योग और व्यापार संघों के प्रतिनिधियों ने वीसीसी के क्रियान्वयन पर अपने सुझाव साझा किए।
अंडमान में अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक
1 सितंबर को पोर्ट ब्लेयर में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह केंद्र शासित प्रदेश के लिए त्रैमासिक राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। एनसीबी (पूर्वी क्षेत्र) के डीडीजी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डीआरआई, सीमा शुल्क, आयकर, सीजीएसटी, भारतीय तटरक्षक बल, सीआईएसएफ और एएनटीएफ के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
बयान के अनुसार, बैठक में तस्करों के बदलते तौर-तरीकों, अंतर-एजेंसी समन्वय, वित्तीय जाँच, खुफिया जानकारी साझा करने तथा नेटवर्क-केंद्रित जाँच के लिए सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब देश के तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में समुद्री मार्गों से ड्रग तस्करी की घटनाओं में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।
आगे क्या
एनसीबी की यह बहु-स्तरीय कार्रवाई — पटना में विनाश, मुंबई में जागरूकता और पोर्ट ब्लेयर में समन्वय — दर्शाती है कि एजेंसी आपूर्ति, माँग और नेटवर्क तीनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग से इस अभियान को और धार मिलने की उम्मीद है।