ड्रग तस्करी पर एनसीबी का शिकंजा: कर्नाटक और राजस्थान में JCC बैठक, 10 से अधिक एजेंसियाँ एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 19 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में राज्यस्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (JCC) की तिमाही बैठक आयोजित की, जिसमें कर्नाटक में ड्रग तस्करी के खिलाफ बहु-एजेंसी रणनीति को और पुख्ता करने पर सहमति बनी। अधिकारियों के बयान के अनुसार, यह बैठक नशीले पदार्थों से जुड़े उभरते खतरों से निपटने और राष्ट्रीय नारकोटिक्स नियंत्रण रोडमैप को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए बुलाई गई थी।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डीआरआई, कस्टम्स, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), आयकर विभाग, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सीडीएससीओ, राज्य एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), ड्रग कंट्रोल विभाग और कर्नाटक राज्य आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस व्यापक भागीदारी से स्पष्ट है कि सरकार ड्रग तस्करी को अब केवल पुलिस की समस्या नहीं, बल्कि एक बहु-आयामी सुरक्षा चुनौती मान रही है।
मुख्य घटनाक्रम और एजेंडा
बैठक में कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इनमें ड्रग तस्करी के नए तरीकों की पहचान, पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत निवारक हिरासत के प्रस्तावों में तेज़ी, वित्तीय जाँच को मज़बूत करना, नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की निगरानी और फरार आरोपियों की पहचान के लिए खुफिया जानकारी के बेहतर उपयोग पर ज़ोर दिया गया। अधिकारियों के बयान के अनुसार, सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय बढ़ाने और संयुक्त कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर सहमति जताई।
राजस्थान में भी समानांतर बैठक
उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु की बैठक के साथ-साथ उसी दिन जयपुर में राजस्थान की JCC तिमाही बैठक भी आयोजित हुई। इसकी संयुक्त अध्यक्षता एनसीबी के पश्चिमी क्षेत्र के डिप्टी डायरेक्टर जनरल और राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के इंस्पेक्टर जनरल ने की। इसमें एनआईए, डीआरआई, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), आईबी, आयकर विभाग, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और ड्रग कंट्रोलर कार्यालय के अधिकारी शामिल रहे।
राजस्थान बैठक के प्रमुख बिंदु
जयपुर बैठक में अधिकारियों ने नारकोटिक्स नियंत्रण विजन दस्तावेज के क्रियान्वयन की समीक्षा की और राजस्थान में ड्रग तस्करी के नए रुझानों पर चर्चा की। विशेष रूप से एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज 50 चिन्हित मामलों की निगरानी कर उनका शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने, पीआईटी-एनडीपीएस के लंबित प्रस्तावों में तेज़ी लाने और संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने पर सहमति बनी।
आगे क्या होगा
दोनों राज्यों में हुई इन बैठकों से यह संकेत मिलता है कि एनसीबी देशभर में एक साथ समन्वित अभियान चलाने की तैयारी में है। यह ऐसे समय में आया है जब नशीले पदार्थों की तस्करी के नए मार्गों और डिजिटल माध्यमों से होने वाले लेनदेन की चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत केंद्र सरकार ने पहले भी बहु-एजेंसी दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया है, और ये JCC बैठकें उसी रणनीति की कड़ी हैं।