एनसीबी की गुजरात जेसीसी बैठक: मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ खुफिया साझेदारी और वित्तीय जांच पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 13 अगस्त 2026 को अहमदाबाद में गुजरात के लिए 2026 की दूसरी तिमाही की राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक आयोजित की, जिसमें मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध खुफिया जानकारी साझा करने, वित्तीय जांच को पुख्ता करने और समन्वित प्रवर्तन अभियानों को तेज करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बैठक गुजरात में संगठित मादक नेटवर्क के खिलाफ बहु-एजेंसी रणनीति को धार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख भागीदार
बैठक की सह-अध्यक्षता एनसीबी के उप महानिदेशक (पश्चिमी क्षेत्र) मनीष कुमार और खुफिया ब्यूरो के अतिरिक्त निदेशक राजीव अहीर ने की। इसमें राज्य नारकोटिक्स विरोधी कार्य बल (एएनटीएफ), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), सीमा शुल्क विभाग, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी), केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और राज्य औषधि नियंत्रक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य घटनाक्रम: प्रमुख एनडीपीएस मामलों की समीक्षा
एनसीबी ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दो महत्वपूर्ण मामले बैठक में प्रस्तुत किए। इनमें तस्करी की कार्यप्रणाली, अंतरराज्यीय संबंध, की गई जांच और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता वाले क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई।
डीआरआई ने भी एनडीपीएस का एक महत्वपूर्ण मामला प्रस्तुत किया, जिसके बाद तस्करी के पैटर्न, जांच की प्रगति और अंतर-एजेंसी समन्वय की ज़रूरतों पर विचार किया गया। बैठक में मादक पदार्थों पर नियंत्रण संबंधी विजन डॉक्यूमेंट और पिछली जेसीसी बैठक की कार्रवाई रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।
एजेंसियों की प्रतिबद्धता: नशामुक्त भारत का संकल्प
बैठक में भाग लेने वाली सभी एजेंसियों ने गुजरात में मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित मादक नेटवर्क के विरुद्ध सहयोगात्मक प्रयासों को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त पूछताछ, वित्तीय जांच, समन्वित प्रवर्तन अभियान और तस्करी गिरोहों को भंग करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
मध्य प्रदेश और असम में भी हुईं जेसीसी बैठकें
गुजरात की बैठक से पहले, 2026 की दूसरी तिमाही की राज्य स्तरीय जेसीसी बैठकें मध्य प्रदेश और असम के लिए भी आयोजित की गई थीं। आधिकारिक बयान के अनुसार, मध्य प्रदेश की बैठक भोपाल में हुई, जिसकी अध्यक्षता एनसीबी के डीडीजी (पश्चिमी क्षेत्र) और मध्य प्रदेश एएनटीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक ने संयुक्त रूप से की। असम की बैठक गुवाहाटी में आयोजित की गई।
इन बैठकों में भी संयुक्त पूछताछ, वित्तीय जांच और समन्वित प्रवर्तन पर जोर दिया गया। भोपाल की बैठक में एनआईए, एसआईबी, आईटी विभाग, सीमा शुल्क, सीबीएन, आरपीएफ, राज्य अभियोजन विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और राज्य उत्पाद शुल्क के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में आई है जब गुजरात के समुद्री तट से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। बहु-एजेंसी समन्वय का यह प्रयास तस्करी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने और वित्तीय प्रवाह को बाधित करने की दिशा में एनसीबी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले महीनों में इन बैठकों के निर्णयों के आधार पर संयुक्त अभियानों की रूपरेखा तय होने की संभावना है।